जम्मू विश्वविद्यालय मे आयोजित साइबर अपराध पर कार्यशाला में भाग लेते छात्र। स्त्रोत विश्वविद्याल
जम्मू विश्वविद्यालय के ला स्कूल में हुई कार्यशाला में विद्यार्थियों को किया गया जागरूक
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रौद्योगिकी की तीव्र प्रगति से अनेक लाभ मिले हैं, लेकिन इसने साइबर अपराध के रूप में नई चुनौतियों को भी जन्म दिया है। इन चुनौतियों से निपटने की जरूरत है। यह बातें साइबर पुलिस स्टेशन जम्मू के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर बीएस सासन ने जम्मू विश्वविद्यालय के ला स्कूल में आयाजित कार्यशाला में कहीं।
साइबर अपराध और जांच, व्यवहारिक दृष्टिकोण व कानूनी अंतर्दृष्टि विषय पर उन्होंने कहा कि डिजिटल स्पेस में जागरूकता और सतर्कता का विशेष महत्व है। कोई भी व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार बनने से खुद को कैसे बचा सकता है। इसको लेकर कई जानकारियां दीं। छात्रों ने साइबर अपराध से जुड़े कई प्रश्न पूछे। कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को व्यवहारिक ज्ञान के साथ ही समकालीन मुद्दों पर चर्चा के प्रति जागरूक करना था।
इससे पहले ला स्कूल की निदेशक प्रो. सीमा रोहमेत्रा ने कहा कि युवाओं को अपनी आनलाइन गतिविधियों को समझने की जरूरत है। किसी व्यक्तिगत जानकारी को लेकर सुरक्षा की तत्काल आवश्यकता होती है। कार्यशाला का समन्वय डा. शुभा वत्स और डा. पल्लवी माथवन ने किया। इस मौके पर प्रमुख रूप से संकाय सदस्यों डा. मोनिका नारंग, डा. सीमा शर्मा, डा. शुभा वत्स, डा. मोनिका भारद्वाज व डा. वंदिता शर्मा मौजूद रहीं।