पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के आका प्रदेश में सक्रिय आतंकियों व मददगारों से जम्मू-कश्मीर के मंदिरों और बैंकों की तस्वीरें मंगवा रहे हैं। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। इस इनपुट को इसलिए भी बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है, क्योंकि जम्मू के प्रसिद्ध रघुनाथ मंदिर पर दो बार आतंकी हमले हो चुके हैं।
स्वतंत्रता दिवस और उसके अगले दिन श्री कृष्ण जन्माष्टमी है। जम्मू संभाग के सीमावर्ती जिलों में सबसे ज्यादा मंदिर जम्मू जिले में हैं। जम्मू संभाग में श्री रघुनाथ, बावे वाली माता, श्री रणबीरेश्वर, तिरुपति बालाजी, कोल कंडोली, महामाया, आप शंभु, पीरखो समेत सैकड़ों छोटे-बड़े मंदिर हैं। वहीं जम्मू में लगभग सभी बड़े बैंकों के प्रदेश स्तर के कार्यालय हैं। जेके बैंक, एसबीआई, आरबीआई के मुख्य कार्यालय हैं। इनपुट मिलने के बाद स्वतंत्रता दिवस से पहले मंदिरों व बैंकों की सुरक्षा जांच करने के लिए कहा गया है।
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान में बैठे आतंकी आका जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकियों और मददगारों से मंदिरों और प्रमुख वित्तीय संस्थानों की तस्वीरें जुटाकर भेजने के लिए कह रहे हैं। इसके पीछे आतंकियों की बड़ी मंशा श्री कृष्णा जन्माष्टमी के दिन मंदिरों के निशाना बनाने की हो सकती है। खुफिया एजेंसियों को मिला ये इनपुट-ए श्रेणी का है, जो सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।
बंदोबस्त चाकचौबंद
कोई विशिष्ट इनपुट नहीं है, लेकिन श्री कृष्ण जन्माष्टमी और स्वतंत्रता दिवस को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद की गई है। तकनीकी सुरक्षा तंत्र, मानवीय तंत्र, खुफिया तंत्र पूरी तरह से सक्रिय है। सभी एजेंसियों से तालमेल है। पुलिस और अन्य एजेंसियां मिलकर किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार हैं।
-भीमसेन टूटी, आईजी जम्मू
रघुनाथ मंदिर पर हुए आतंकी हमले
30 मार्च 2002: आतंकियों ने मंदिर के पास पहले ग्रेनेड से हमला करने के बाद अंधाधुंध गोलीबारी करते हुए मंदिर में घुस गए थे। इस हमले में तीन सुरक्षाकर्मी बलिदान हुए थे। 8 नागरिकाें की भी जान गई थी। 20 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
24 नवंबर 2002: लश्कर-ए-ताइबा के आतंकियों ने मंदिर पर उस समय हमला किया जब श्रद्धालु पूजा-पाठ कर रहे थे। ग्रेनेड हमले के साथ गोलीबारी की गई थी। इस आतंकी हमले में 13 लोग मारे गए थे जबकि 40 से ज्यादा घायल हुए थे।