मौसम में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। कुछ राहत के बाद शनिवार को जम्मू का पारा 32 डिग्री के करीब पहुंच गया। श्रीनगर में भी तापमान सामान्य से ऊपर चला गया है। पारे के गिरने और उछाल से सेहत पर असर पड़ रहा है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी में 19 से 20 अप्रैल को राज्य के अधिकांश इलाकों में हलकी बारिश से कुछ सुकून मिल सकता है।
इस बीच जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर श्रीनगर से जम्मू के लिए एकतरफा यातायात बहाल रहा। जम्मू में शनिवार सुबह की शुरुआत हलके बादलों के साथ हुई। ऐसा लग रहा था कि मौसम फिर करवट लेगा, लेकिन दोपहर बाद मौसम साफ होने के साथ धूप खिल गई। गर्मी के साथ बढ़ती उमस भी परेशान करने लगी।
सीधी धूप में बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। गर्मी की तपिश का बाजार पर भी असर दिख रहा है। खरीदार शाम को ही बाजारों तक पहुंचने की हिम्मत कर रहे हैं। जम्मू में शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
यहां न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। श्रीनगर का अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री ज्यादा 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ज्यादा 8.6 डिग्री सेल्सियस रहा। लेह में अधिकतम तापमान 15.7 और न्यूनतम 4.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
चढ़ते पारे में सेहत से खिलवाड़
चढ़ते पारे में बाजार में जगह-जगह जूस और गन्ने के रस की रेहड़ियों और दुकानों पर प्यास बुझाने के लिए लोगों की भीड़ पहुंच रही है, लेकिन इन जूस में घटिया स्तर की बर्फ का प्रयोग आपकी सेहत बिगाड़ सकता है। इसमें पेट संबंधी बीमारियों में उल्टी, दस्त आदि की शिकायत हो सकती है।
नियमों के तहत ऐसे जूस में पोर्टेवल पानी से बनी बर्फ (आइस क्यूब) ही इस्तेमाल की जा सकती है, लेकिन बाजार में ऐसी जगहों पर दूसरी बर्फ का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। अमूमन ऐसे जूस में ठंडक के नाम पर बर्फ की गुणवत्ता को लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ऐसी बर्फ हानि पहुंचा सकती है।
अगर साफ पानी से बनी बर्फ का प्रयोग किया जाता है तो उससे सेहत खराब नहीं होगी, लेकिन इसके विपरीत बच्चों की सेहत पर ज्यादा असर पड़ता है। ऐसी बर्फ खासकर औद्योगिक क्षेत्रों में प्रयोग के लिए बनाई जाती है, लेकिन इनका जूस सहित अन्य कार्यों में उपयोग किया जा रहा है।
ड्रग एंड फूड कंट्रोल आर्गनाइजेशन के सहायक ड्रग कंट्रोलर (फूड) संजीव गुप्ता के अनुसार उपयुक्त बर्फ के प्रयोग को लेकर रेहड़ी और दुकानदारों को जागरूक किया जा रहा है, जिसके बाद चालान काटने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।