बीस हजार रुपये की लागत से तैयार स्पोर्ट्स कार अगर सड़कों पर दौड़े तो देखने में अचंभित तो लगेगा ही, साथ ही चलाने वाले को भी कार रैली में चलने वाली स्पोर्ट्स कार का शानदार अनुभव मिलेगा। ये सब बातें किसी स्पोर्ट्स कार रैली या डिस्कवरी चैनल की डाक्यूमेंट्री की बात नहीं हो रही है, बल्कि विद्यार्थियों द्वारा तैयार स्पोर्ट्स कार की हो रही है।
विद्यार्थियों ने पुराने हो चुके वाहनों के सेकेंड हैंड पुर्जों के साथ ‘गो कार्ट’ नाम से स्पोर्ट्स कार को तैयार किया है, जो एक लीटर पेट्रोल से तीस से पैंतीस किलोमीटर तक चल सकती है। संभाग के आईईसीएस पॉलीटेक्निक कालेज के मेकेनिकल इंजीनियरिंग के छठे सेमेस्टर के आठ विद्यार्थियों के ग्रुप ने अपने कालेज के प्रोजेक्ट के तहत स्पोर्ट्स कार को तैयार कर अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया है।
आठ विद्यार्थियों के ग्रुप ने अपनी सूझबूझ, समझदारी और आपसी तालमेल के साथ स्पोर्ट्स कार को तैयार कर न अपनी प्रतिभा को दिखाया, बल्कि सेकेंड हैंड दोपहिया वाहन से चार पहिये के वाहन को तैयार एक अलग कार्य किया है। ग्रुप के सदस्य शुभम शर्मा ने बताया कि आटोमोबाइल विषय लेने के दौरान से हम सभी का पहले से ही विचार था कि सेकेंड हैंड पुर्जों के साथ कुछ अलग तरह की कार बनाएं।
उन्होंने बताया कि इस वाहन को बनाने के लिए उन्होंने स्कूटर के टायर, मोटरसाइकिल के चार स्ट्रोक वाले 150 सीसी इंजन, मेटाडोर का स्टीयरिंग, सीट और स्टेनलेस स्टील की चेसिस के साथ कार बनाई, जो डेढ़ सौ किलोग्राम तक का सामान आसानी से उठा सकती है।
ग्रुप के अन्य सदस्य दिनेश सगोत्रा ने बताया कि इस कार की खासियत है कि रिवर्स समेत पांच गियर हैं, जिसे हम रोमांचक खेलोें सहित मनोरंजन के लिए आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि एक महीने के भीतर इस कार को तैयार किया, जिसके लिए उनके विभाग के एचओडी एचएन भट्ट सहित अभिभावकों ने आर्थिक और मानसिक तौर पर पूरा सहयोग दिया।
कार को तैयार करने वाले आठ ग्रुप के अन्य विद्यार्थी अमित गुप्ता, सूरज प्रकाश, मुजीब-उर-रहमान, राहिल संबयाल, अमन शर्मा और अनिकेत महाजन शामिल हैं।