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Jammu News: रियाज के प्रयास से जली शिक्षा की लौ, अब स्कूल में पढ़ रहीं 65 बच्चियां

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राष्ट्रीय ​शिक्षक पुरस्कार विजेता​ ​शिक्षक रियाज अहमद शेख
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राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर सम्मानित होंगे अनंतनाग के जीएमएस पोशनीर के शिक्षक रियाज अहमद शेख
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इस वर्ष जम्मू-कश्मीर का नाम रोशन करने वाले एक मात्र गुरुजी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। गवर्नमेंट मिडिल स्कूल पोशनीर (अनंतनाग) में रहबर-ए-तालीम शिक्षक रियाज अहमद शेख को शिक्षक दिवस पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर से इस वर्ष यह पुरस्कार हासिल करने वाले वह एकमात्र शिक्षक हैं। उन्होंने तैनाती के बाद क्षेत्र में शिक्षा की लौ जला कर अभिभावकों को बेटियों को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही कई ऐसे कदम उठाए, जिनसे स्कूल में बच्चियों की संख्या एक से बढ़ कर 65 पहुंच गई है।
2009 में रहबर-ए-तालीम योजना के तहत नियुक्त रियाज ने स्कूल में छात्राओं की संख्या बढ़ाने का काम किया। नियुक्ति के समय स्कूल जहां सिर्फ एक छात्रा पढ़ने आती थी वहीं, अब उनके प्रयास से आज स्कूल में 110 विद्यार्थी हैं। इनमें से 65 छात्राएं हैं। शिक्षक रियाज ने बताया गवर्नमेंट मिडिल स्कूल पोशनरी अनंतनाग जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर स्थित है। गांव में मोबाइल नेटवर्क की अभी भी समस्या हैं। 2009 में स्कूल में नियुक्ति के दौरान पाया कि शिक्षा के स्तर और लड़कियों की संख्या न के बराबर थी। ग्रामीण लड़कियों की शिक्षा को जरूरी नहीं समझते थे। उन्होंने बच्चियों को स्कूल तक लाने के लिए गांवों में घूम कर अभिभावकों से बात की। उन्हें लड़कियों की शिक्षा के महत्व के बारे में बताया। स्कूल में लड़कियों की संख्या बढ़ाने के लिए पढ़ाने के तरीके में भी बदलाव किया। स्कूल में 15 अगस्त, 26 जनवरी और दो अक्तूबर सहित अन्य कार्यक्रमों का आयोजन कर बच्चों सहित अभिभावकों को जागरूक किया। इससे उनका भरोसा बढ़ने से बच्चों के नामांकन में बढ़ोतरी हुई है। आज स्कूल की लड़कियां गुलमार्ग में स्नो स्कीइंग का कोर्स करती हैं।
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छात्रों को उपलब्ध करवाई वर्दी
रियाज अहमद ने बताया कि मेरे दादा और पिता भी शिक्षक रह चुके हैं। ऐसे में पहले ही सोच लिया था शिक्षक बनना है। स्कूल के आसपास की ज्यादातर आबादी अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों की है। विभाग बच्चों को वर्दी के लिए पैसा देता है, लेकिन वह उसे अन्य सामान खरीद लेते थे। शुरुआत में स्वयं 20 हजार रुपये खर्च कर बच्चों के लिए लुधियाना से वर्दी मंगवाई। इसके बाद अभिभावकों ने भी आर्थिक सहयोग किया। सर्दी के समय बच्चों को त्वचा संबंधी परेशानी होती है, ऐसे में स्कूल में जरूरी सामान उपलब्ध करवाया गया है।

एक बच्ची को स्कूल तक लाने में लगे तीन माह
रियाज अहमद ने बताया कि स्कूल में 14 अनाथ बच्चे पढ़ रहे हैं। उनको स्कूल तक लाना बड़ी चुनौती था। एक बच्ची को स्कूल लाने में करीब तीन माह का समय लगा। बच्चों के साथ-साथ उनके परिवार को प्रेरित किया। सरकारी योजनाओं से अवगत करवाया।
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ये पूरे अनंतनाग जिले के लिए गर्व की बात है। रियाज ने पूरे देश में जम्मू-कश्मीर और अनंतनाग का नाम रोशन किया है। उसके द्वारा अपनाई विभिन्न पहलों को हम अन्य स्कूलों में भी लागू करेंगे।
- कमल कुमार बडयाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी, अनंतनाग
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