कला केंद्र में सरस आजीविका मेले के नौवें दिन बड़ी संख्या में लोगों ने उत्पादों की खरीदारी की
डोगरी सहित अन्य राज्यों के व्यंजनों का उठाया लुत्फ
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से बिक्रम चौक कला केंद्र में 10 दिवसीय सरस आजीविका मेला जारी है। इसमें स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पाद और व्यंजन लोगों को लुभार रहे हैं। शुक्रवार को बारिश के बीच कश्मीर कहवा के प्रति लोगों में काफी दिलचस्पी देखी गई।
मेले में सुबह से लेकर शाम तक लोगों की भीड़ रही। शाम को गजल संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय गजल गायकों ने लोगों का मनोरंजन किया। सरस मेला में आई कश्मीर के कुपवाड़ा निवासी फैंसी जान ने बताया कि उन्होंने मेले में कश्मीरी कहवा का स्टाल लगाया है। कहवा को लोग बहुत पसंद कर रहे हैं। खासकर बारिश शुरू होने के बाद लोगों में काफी रुझान दिखा है। कहवा में कश्मीरी केसर का इस्तेमाल किया जाता है।
उन्होंने बताया कि 2014 में स्वयं सहायता समूह से जुडी हैं। समूह में दस महिलाएं हैं, जो कहवा, नमकीन चाय, कढ़ाई का काम करती हैं।
उनके साथ करीब 3100 महिलाएं जुडी हैं। खुद लखपति दीदी बनने का सफर 2019 में स्वयं सहायता समूह से जुड़कर शुरू किया था। आज अपने साथ अन्य महिलाओं को रोजगार का अवसर दे रही हैं। प्रदेश सहित दिल्ली व अन्य स्थानों पर प्रदर्शनी लगा चुकी हैं। वह आचार, कलीरा, टिक्की मसाला, बिन्ना (स्थानीय बैठने वाली वस्तु) आदि की प्रदर्शनी लगा चुकी हैं।
- अनिता देवी, रियासी