प्रदेश कांग्रेस की ओर से रविवार एक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल मुख्य रूप से मौजूद थीं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं का सम्मान करने के लिए प्राकृतिक संसाधनों के अलावा उनकी भूमि और नौकरियों के लिए सुरक्षा उपायों की तलाश के लिए राजनीतिक पहल की मांग की है, जिसे एआईसीसी के साथ उठाया जाएगा।
उन्होंने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को इस विधानसभा चुनाव से लागू करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि अगर मोदी सरकार सच्ची होती तो आने वाले लोकसभा चुनावों में महिला आरक्षण लागू कर सकती थी। मगर इसे 2029 तक लंबित रखा गया है, जो आधी आबादी के साथ अन्याय है।
उन्होंने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना का समर्थन किया, क्योंकि कांग्रेस ने इसे पहले ही कांग्रेस शासित राज्यों में लागू कर दिया है। साथ ही कहा कि अगर जम्मू-कश्मीर में सत्ता में आती है तो इसे यहां भी लागू किया जाएगा। प्रशासन की ओर से फीस और अन्य शुल्कों में भारी संशोधन के अलावा विभिन्न प्रकार के भारी कर लगाए गए हैं। जम्मू-कश्मीर में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान लोगों ने राहुल गांधी के सामने भी इस बात को उठाया था। हाल के विधानसभा चुनावों में भाजपा को मिले 4.81 करोड़ वोट के मुकाबले कांग्रेस को 4.91 करोड़ वोट मिले हैं, इसलिए कांग्रेस जम्मू-कश्मीर समेत पूरे देश में एक मजबूत ताकत है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विकार रसूल वानी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आगामी चुनावों के लिए तैयार रहने और भाजपा की गलत नीतियों को उजागर करने को कहा, जिसने युवाओं के भविष्य को नष्ट कर दिया है। संपत्ति कर, स्मार्ट मीटर सहित लोगों पर सभी प्रकार के भारी कर लगा दिए हैं। वहीं, कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला ने सभी वर्गों के लोगों खासकर बेरोजगार युवाओं, आम आदमी, किसानों, व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों, स्थानीय ठेकेदारों और अन्य लोगों के लिए परेशानियां लाने के लिए भाजपा पर हमला बोला।