कई जगह टीन की छतें उड़ीं, देरी से गंतव्यों तक पहुंचे लोग, बारिश ने तपिश से राहत दी
आगामी दिनों में भी 40 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर में वीरवार को दिनभर की तपिश झेलने के बाद रात को धूल भरी आंधी, तेज हवाओं और बारिश ने राहत देने के साथ नुकसान पहुंचाया है। कई जगहों पर कमजोर पेड़ों के गिरने के साथ टीन की छतें उड़ गईं। शहर के अधिकांश हिस्से में घंटों तक बिजली गुल रही। अचानक बदले मौसम से जो जहां था वहीं फंस गया।
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर ने आगामी पांच मई तक कुछ हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। इस अवधि में बारिश भी हो सकती है।
शहर के साथ लगते आरएस पुरा, अखनूर, चट्ठा, जम्मू के अन्य हिस्सों के अलावा सांबा में रात नो बजे धूल भरी आंधी के साथ तेज हवाएं चलना शुरू हो गईं। हवाएं चलने के साथ ही अधिकांश हिस्सों में बिजली आपूर्ति बंद हो गई। धूल उड़ने से दो पहिया वाहन चालकों और राहगीरों को आवाजाही में मुश्किल हुई।
अचानक मौसम खराब होने पर कई लोग रास्ते में फंस गए और घंटों बाद गंतव्य तक पहुंचे। इस बीच बादलों की गड़गड़ाहट जारी रही। कुछ देर बाद बारिश शुरू हो गई। अप्रैल के आखिर में जम्मू में लगातार दिन का पारा 40 डिग्री के पार रहा। इस अवधि में कश्मीर के कई विख्यात पहाड़ी इलाकों में भी पारे ने रिकार्ड तोड़े।
अधिक गर्मी पड़ने पर प्रदेश में ऐसे सामान्य पश्चिमी विक्षोभ भी अधिक सक्रिय होकर तबाही ला रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी परिस्थितियों में लो प्रेशर स्थल अधिक बन रहे हैं, जिसमें पश्चिमी विक्षोभ अधिक सक्रिय होकर प्रभावी बन रहे हैं।