धूल भरी आंधी के बाद हुई बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए
घरों-दुकानों के शीशे टूटे, छतों पर रखी पानी की टंकियां सड़कों पर आ गिरीं
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। बुधवार शाम अचानक मौसम बदला और तेज आंधी ने तूफान का रूप ले लिया। सवा घंटे तक चले इस तूफान में सचिवालय की दीवार ढह गई, कई मोबाइल टावर और पेड़ गिरे, जबकि टूटे तारों और उड़ती बिजली से शहर में अफरा-तफरी मच गई। धूल भरी आंधी के बाद हुई बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए। घरों-दुकानों के शीशे टूटे, छतों पर रखी पानी की टंकियां सड़कों पर आ गिरीं, जबकि दुकानों के बाहर लटका सामान उड़ गया। देर रात तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से शहर अंधेरे में डूबा रहा।
तेज रफ्तार हवा के साथ उड़ती धूल के बीच सड़कों पर लोग वहीं रुक गए जहां थे। हवा की रफ्तार लगातार बढ़ती गई और बिजली चले जाने से पूरे शहर में अंधेरा छा गया। सचिवालय की दीवार गिरने के अलावा कई मोबाइल टावर और पेड़ धराशायी हो गए। इस दौरान दुकानों के बाहर रखा सामान उड़ गया और छतों से पानी की टंकियां सड़कों पर आ गिरीं। पेड़ों की टहनियां तारों पर गिरीं और कई जगहों पर तार टूट गए। नरवाल, पुराना शहर, सुजवां, बठिंडी, तालाब तिल्लो, राजपुरा चुंगी समेत कई इलाकों में ट्रांसफॉर्मर जल गए, जिससे बाजारों में सामान लेने आए लोगों को घर लौटने में दिक्कतें आईं। सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों की हेडलाइट्स ही सड़कों को रोशन करती रहीं।
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के पास गिरे पेड़ ने सड़क जाम कर दी, जिसे हटाने का काम देर रात तक चला। बाहु फोर्ट इलाके में गिरे मोबाइल टावर ने दो बाइकों को क्षतिग्रस्त कर दिया। बख्शी नगर, रेशमघर कॉलोनी और पुराने शहर के जैन बाजार में भी पेड़ व खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई। बिक्रम चौक का ट्रैफिक सिग्नल टेढ़ा हो गया, जबकि नानक नगर, गांधी नगर और संजय नगर में गिरे पेड़ों ने बिजली के तारों को नुकसान पहुंचाया।
मौसम साफ होने के बाद बिजली विभाग ने टूटे तारों और खराब ट्रांसफॉर्मरों को ठीक करने का काम शुरू किया, लेकिन देर रात तक कई इलाकों में बिजली बहाल नहीं हो पाई। प्रशासन ने हालात पर नजर रखते हुए राहत कार्य तेज कर दिए हैं।
बख्शी नगर पुली में टहनियां गिर गईं। इससे बिजली गुल हो गई है। बिक्रम चौक का ट्रैफिक सिग्नल लाइट टेढ़ी हो गई। इसी तरह रिहाड़ी में भी टहनियां गिरी हैं।
दिन में गर्मी, शाम को तूफान
दिन के समय गर्मी की तपिश से लोग परेशान रहे तो शाम को तापमान में गिरावट आई, मगर शाम साढ़े सात बजे तेज हवाएं चलीं। जैसे ही हवा चली, बारिश भी शुरू हो गई। तेज हवा चलने के कारण लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी आई। हालत यह रही कि लोगों को जहां थे, वहीं रुकना पड़ा। बाजारों में दुकानदारों को शटर बंद करने पड़े। हवा के साथ धूल अंदर तक पहुंची। दुकानों के बाहर रखा सामान उड़ गया।
फसलों को भारी नुकसान
तूफान गेहूं की फसल के लिए आफत बन गया। तेज तूफान के कारण खेतों में फसल ढह गई है। फसल काटने का काम बैसाखी से शुरू हुआ था। अधिकांश जगहों पर फसल नहीं कट पाई है।