डोगरी संस्कृति के साथ-साथ कृषि व स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों का होगा प्रसारण, मिला लाइसेंस
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के उत्तर क्षेत्रीय कैंपस जम्मू में बनतालाब सहित दस किमी क्षेत्र में जल्द ही सामुदायिक रेडियो की धुन सुनाई देगी। मार्च तक रेडियो को शुरू करने की योजना है, जिसके लिए लाइसेंस आईआईएमसी को मिल गया है।
केंद्रीय टीम के निरीक्षण के बाद काम शुरू होगा। आईआईएमसी में वर्तमान में हिंदी, अंग्रेजी पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में डिप्लोमा कोर्स होते हैं। वर्तमान में 60 के करीब बच्चें इन कोर्सेज में पढ़ाई कर रहे हैं। कैंपस में सामुदायिक रेडियो शुरू होने से पत्रकारिता के विद्यार्थियों को रेडियो की कार्यप्रणाली की जानकारी मिलेगी।
साथ ही रेडियो में कॅरियर संभावनाओं से भी रूबरू हो सकेंगे। सामुदायिक रेडियो के माध्यम से डुग्गर प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा। सामुदायिक स्तर पर लोगों के लिए स्वास्थ्य व कृषि से जुड़े कार्यक्रमों का प्रसारण होगा।
लैब का निर्माण, अब लगेंगे उपकरण
सामुदायिक रेडियो की पहल जम्मू विश्वविद्यालय और केंद्रीय विश्वविद्यालय में हुई है, जो काफी सफल भी रही है। ऐसे में अब आईआईएमसी जम्मू में इस तरह की सुविधा होगी। इसके लिए आईआईएमसी प्रबंधन ने जरूरी लैब का निर्माण कर लिया है। इसमें अब जरूरी उपकरण ऑडियो, मिक्सर, ब्रॉडकास्ट सेटेलाइट रिसीवर आदि उपकरण लगेंगे। सामुदायिक रेडियो से जुड़ी अन्य जरूरी रूपरेखा को भी तैयार किया जा रहा है।
आईआईएमसी जम्मू में सामुदायिक रेडियो शुरू होगा। मार्च तक इसे शुरू करने की योजना है। इसके लिए लाइसेंस मिल गया है। अब केंद्रीय टीम जल्द ही निरीक्षण करेगी। इसके बाद काम शुरू होगा। आईआईएमसी के दस किमी दायरे तक लोग इसे सुन सकेंगे। डुग्गर प्रदेश की संस्कृति के साथ-साथ कृषि व स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रम प्रसारित होंगे।
- प्रो. दिलीप कुमार, क्षेत्रीय निदेशक, आईआईएमसी जम्मू