फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू: कश्मीरी पंडित कर्मियों और रिजर्व्ड इंप्लाइज का प्रदर्शन जारी, तबादले की मांग के लिए कर रहे संघर्ष

Tue, 06 Dec 2022 04:44 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

कश्मीरी पंडित कर्मचारी और रिजर्व्ड कैटेगरी इंप्लाइज का प्रदर्शन जम्मू में मंगलवार को भी जारी रहा। सभी प्रदर्शनकारी घाटी से बाहर जम्मू में तबादला किए जाने की मांग को लेकर 200 दिनों से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं।  
विज्ञापन
Jammu Kashmiri Pandits Protest - फोटो : संजय कुमार
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कश्मीर में पीएम पैकेज के तहत कार्यरत कश्मीरी पंडित कर्मचारी और रिजर्व्ड कैटेगरी इंप्लाइज का प्रदर्शन जम्मू में मंगलवार को भी जारी रहा। सभी प्रदर्शनकारी घाटी से बाहर जम्मू में तबादला किए जाने की मांग को लेकर 200 दिनों से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं।  

विज्ञापन

 
राहत आयुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने कहा कि कई की सूची आतंकियों तक पहुंचने पर कर्मचारियों में डर का माहौल है। कर्मचारियों ने कहा कि हमारा डर सच साबित हो रहा है। आतंकियों के पास उनकी सूची पहुंची है, वे कश्मीर में सुरक्षित नहीं हैं और बिना पुख्ता सुरक्षा के वे घाटी नहीं जाएंगे। कर्मचारियों ने कहा कि आतंकी उन्हें मारने की धमकी दे रहे हैं और सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है। दो सौ दिन से भी ज्यादा समय से हम प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें घाटी के बाहर जम्मू में स्थानांतरित किया जाना चाहिए।

विज्ञापन

Jammu Protest - फोटो : निखिल मेहता
ऑल जम्मू बेस्ड रिजर्व्ड कैटेगरी इंप्लाइज एसोसिएशन कश्मीर के बैनर तले रिजर्व्ड इंप्लाइज ने मंगलवार को डॉ. अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें याद किया। साथ ही जम्मू कश्मीर से सरकार से कर्मचारियों के तबादला नीति बनाने की मांग की।

कर्मचारियों का कहना है कि एक ओर उनके पास सुरक्षित आवास नहीं है और दूसरी ओर डीडीओ कर्मचारियों को काम पर लौटने की धमकी दे रहे हैं। कर्मचारियों का पिछले पांच माह से वेतन रुका हुआ है। ऐसे में कर्मचारी तत्काल राहत, रुके हुए वेतन को जारी करने और बायोमेट्रिक प्रणाली से हाजिरी लगाने में छूट की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से उपयुक्त व्यापक स्थानांतरण नीति तैयार करने की मांग की है, ताकि कर्मचारी अपनी सेवाएं अपने गृह जिले या मंडल में दे सकें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें