कार्यालय समय के दौरान अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जिला विकास उपायुक्त इंदरजीत ने बुधवार को 14 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके अलावा जलशक्ति, पीएमजीएसवाई, फ्लोरीकल्चर विभागों के कुछ राजपत्रित अधिकारियों सहित 21 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।
आम नागरिकों, पंचायती राज संस्थाओं और विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए जिला विकास उपायुक्त पुंछ ने सभी सरकारी कार्यालयों में चरणबद्ध तरीके से औचक निरीक्षण करने के लिए अतिरिक्त जिला विकास उपायुक्त पुंछ ताहिर मुस्तफा मलिक की अध्यक्षता में अधिकारियों की एक समिति बनाई थी।
इस समिति ने जल शक्ति और पीएमजीएसवाई सहित कई कार्यालयों का निरीक्षण किया और कई कर्मचारियों को कार्यालय समय के दौरान कार्यालय से बाहर पाया। विशेष रूप से अनुपस्थित रहने वालों ने न तो अवकाश स्वीकृत कराए थे और न ही क्षेत्र के दौरे के लिए कोई संचलन रजिस्टर बना रखा था।
इसके अलावा महत्वपूर्ण कार्यालयों वाले कुछ विभागाध्यक्ष अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ फील्ड स्टाफ के बारे में भी अनजान थे कि थे कहां हैं। इसके अलावा कुछ अधिकारी स्वयं कार्यालय समय के दौरान अनुपस्थित पाए गए।
इस पर अतिरिक्त जिला विकास उपायुक्त की अगुवाई वाली समिति ने अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिशें की। इस पर कार्रवाई करते हुए जिला विकास उपायुक्त पुंछ ने 14 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया और 21 को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
जिला विकास उपायुक्त ने सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों का आह्वान किया कि किसी कर्मचारी अथवा अधिकारी की लापरवाही से आम लोगों को मुश्किलों का सामना न करना पड़े, प्रशासन इस बात को सुनिश्चित बनाने के लिए वचनबद्ध है। नौकरी में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारी एवं अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
डॉक्टर को बर्खास्त किया
ड्यूटी से लंबे समय तक गैरहाजिर रहने पर डॉ. मलिक जावेद अहमद मेडिकल आफिसर निवासी दचो तहसील जिला शोपियां को बर्खास्त किया गया है। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव भूपेंद्र कुमार की ओर से जारी एक आदेश में डा. जावेद की सेवाएं 26-7-2020 से समाप्त मानी जाएंगी।