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Jammu: गट्टू डोर की चपेट में आने से पुलिसकर्मी का गला कटा, जीएमसी जम्मू में चल रहा इलाज

Fri, 01 Sep 2023 01:29 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू शहर के गांधीनगर में गट्टू डोर की चपेट में आने से पुलिसकर्मी के गले में चोट आई। उन्हें इलाज के लिए तुरंत जीएमसी जम्मू ले जाया गया। शहर में अलग-अलग जगहों पर 100 से अधिक गट्टू डोर के बंडल पकड़े गए, जबकि 30 से ज्यादा लोगों को इसका इस्तेमाल करते पुलिस ने हिरासत में लिया और देर शाम को छोड़ा गया।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रतिबंधित गट्टू डोर का इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई के दावे रक्षाबंधन पर हुई पतंगबाजी में हवा हो गए। गट्टू डोर का जमकर इस्तेमाल हुआ, जिसने कई लोगों को बुरी तरह जख्मी कर अस्पताल पहुंचा दिया। इनमें से कइयों की हालत गंभीर बनी हुई हैं। घायलों में एक पुलिसकर्मी भी शामिल है, जिसका गला बुरी तरह से कट गया।

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दूसरी ओर पुलिस ने गट्टू का इस्तेमाल करने और बेचने वालों पर भी कार्रवाई की। शहर में अलग-अलग जगहों पर 100 से अधिक गट्टू डोर के बंडल पकड़े गए, जबकि 30 से ज्यादा लोगों को इसका इस्तेमाल करते पुलिस ने हिरासत में लिया और देर शाम को छोड़ा गया। पुलिस की तरफ से इस पर नजर रखने के लिए 15 टीमों का गठन किया गया था।

जानकारी के अनुसार गांधीनगर पुलिस थाने में तैनात वाल्मिकी काॅलोनी के रहने वाले फालोअर भारत चंद गट्टू डोर से घायल हो गए। वीरवार को भारत चंद दोपहर करीब 2 बजे स्कूटी पर घर लौटने लगे। अभी थाने से 300 मीटर ही दूर पहुंचे तो एक पतंग की गट्टू डोर उनके गले में आ फंसी। इसके पहले की वह इसे निकालते डोर गले को चीर गई। यहां तक कि इससे बचने के लिए हाथों पर भी गहरे घाव हो गए। घायल होकर वह खून से लथपथ गिर पड़े।
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स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें पहले गांधी नगर अस्पताल ले जाया गया। बाद में जीएमसी रेफर कर दिया गया। यहां उनके गले पर 20 टांके लगाए गए। जबकि हाथों पर भी 6 टांके लगे हैं। भारत चंद के भाई रवि दास ने बताया कि वह ड्यूटी से लौट रहे थे। तभी गले में डोर फंस गई और इससे घायल हो गए। इसी तरह एक महिला पहुंची, जिसकी टांग बुरी तरह से कट गई थी, एक व्यक्ति की नाक डोर से कट गई। करीब एक दर्जन लोग डोर से घायल होकर जीएमसी जम्मू में पहुंचे। इनमें से पुलिस कर्मी और महिला की हालत गंभीर है।

जांच के लिए शहर में बनाई गई थीं 15 टीमें

बता दें कि गट्टू डोर पर नजर रखने के लिए एसएसपी जम्मू के आदेश पर 15 टीमों गठन किया गया था। हर टीम में 8 से 10 पुलिसकर्मी थे। टीमों को शहर में नजर रखने के लिए तैनात किया गया था। बावजूद इसके गट्टू डोर का इस्तेमाल हुआ। पुराने शहर में पुलिस की तरफ से इसे बेचने वालों पर कार्रवाई की गई। लेकिन फिर भी इसका इस्तेमाल हुआ। बता दें कि अभी जन्माष्टमी का पर्व बाकी है, जिस पर जमकर पतंगबाजी होती है।

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