जिला कठुआ की हीरानगर तहसील के तरनाह नाले में पठानकोट-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर वैकल्पिक मार्ग का काम तेजी से चल रहा है और लगभग पूरा हो चुका है। रविवार सुबह कुछ घंटे के लिए ट्रायल के तौर पर इस मार्ग से सभी छोटे-बड़े वाहनों को दौड़ाया गया।
इससे लोगों को राहत मिलने के साथ उम्मीद जगी है कि दो-तीन दिन में नियमित रूप से सभी वाहनों का आवागमन इस मार्ग से हो पाएगा। फिलहाल रक्षाबंधन से पहले मार्ग पैदल और दोपहिया वाहनों के आवागमन के लिए खोला जा चुका है।
दयाला चक से तरनाह नाले तक मार्ग पर तारकोल बिछाने का काम पूरा हो चुका है। अब नाले के किनारे सीमेंट की पाइप लगाकर कंक्रीट की स्लैब बनाने का काम चल रहा है। मौसम साफ रहता है तो पांच सितंबर तक इस लक्ष्य को भी पूरा कर लिया जाएगा।
इसके बाद से सभी वाहनों की आवाजाही यहां से शुरू हो जाएगी। इस मार्ग पर वाहनों के आवागमन से न सिर्फ चालकों व यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि नाले के दोनों तरफ बसे चड़वाल और दयाला चक के दुकानदारों के लिए यह सबसे बड़ी राहत होगी। करीब डेढ़ महीने से हाईवे बंद रहने के कारण इन दोनों बाजारों को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ रहा है।
दो किलोमीटर जाने के लिए 25 किमी तक सफर करना पड़ रहा
बता दें कि तरनाह नाले पर दियालाचक और चड़वाल के बीच बने पुल के पिल्लर 19 जुलाई को आई बाढ़ से बह गए थे। ऐसे में यातायात के लिए ओल्ड सांबा-कठुआ रोड से डायवर्ट किया गया, जो ग्रामीण इलाकों में लंबे जाम का भी सबब बन गया।
करीब डेढ़ माह तक वैकल्पिक मार्ग न बनने से लोगों को 2 किलोमीटर दूर जाने के लिए 25 किलोमीटर तक का सफर करना पड़ रहा है। अब उम्मीद जगी है कि वैकल्पिक मार्ग खुलने से यातायात सुगम होगा।