जम्मू कश्मीर में मानसून कमजोर पड़ गया है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार आगामी दिनों में भारी बारिश के आसार नहीं हैं। पांच सितंबर को कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन अधिकांश मौसम साफ रहेगा। वैसे 4 और 5 सितंबर को मौसम में थोड़ा उतार चढ़ाव हो सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के निदेशक सोनम लोटस के अनुसार पिछले कुछ समय से जम्मू-कश्मीर में मानसून सक्रिय नहीं रहा है और आगे भी इसके अधिक बढ़ने के आसार नहीं हैं। हालांकि अभी मानसून के जाने की घोषणा नहीं की गई है।
जम्मू-कश्मीर में अमूमन 15 सितंबर तक मानसून की वापसी हो जाती है। गत अगस्त में कुछ दिन निरंतर जम्मू में देर रात या तड़के बारिश से मौसम ठीक रहा, लेकिन सितंबर की शुरुआत के साथ तपिश और उमस ने जोर पकड़ लिया है। दिन के समय धूप में पसीने छूट रहे हैं।
जम्मू में सोमवार की शुरुआत साफ मौसम के साथ हुई। दोपहर को गर्मी के साथ उमस ने परेशान किया। इससे पहले रविवार को यहां दिन में आर्द्रता का प्रतिशत 67 रहने से उमस अधिक परेशान कर रही है। गर्मी का बाजार पर भी असर दिख रहा है। लोग खरीदारी के लिए शाम को बाहर निकल रहे हैं। यहां दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा चढ़कर 34.8 और बीती रात का न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कश्मीर में पारा सामान्य से 3 से 4 डिग्री ऊपर
कश्मीर में लगातार मौसम साफ रहने से दिन का पारा सामान्य से 3 से 4 डिग्री ऊपर चल रहा है। हालत यह है कि कश्मीर के कुछ जिलों का दिन का पारा जम्मू के आसपास चल रहा है। राजधानी श्रीनगर में दिन का तापमान सामान्य से 3.5 डिग्री चढ़कर 32.0 और बीती रात का न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेह में बीती रात का न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बनिहाल में जारी रहेगा आधुनिक डॉप्लर रडार
अमरनाथ यात्रा की समाप्ति के बाद भी बनिहाल में आधुनिक डॉप्लर रडार को चलाया जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार आगामी बर्फबारी तक डॉप्लर रडार को जारी रखा जाएगा, जिससे मौसम संबंधी स्टीक जानकारी मिल सकेगी। इससे जम्मू, बनिहाल और श्रीनगर में तीन रडार चलने से लगभग सभी बीस जिले मौसम संबंधी जानकारी के लिए कवर हो रहे हैं। रडार के माध्यम से 2 से 3 घंटे पूर्व मौसम संबंधी जानकारी मुहैया करवा दी जाती है।