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Jammu : पाकिस्तानी गोलाबारी राज्य आपदा घोषित, मृतक के आश्रित को मिलेंगे चार लाख; नुकसान का हो रहा है आकलन

Thu, 22 May 2025 04:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा राकेश शर्मा, जम्मू

सार

युद्ध जैसे हालात में मारे गए लोगों के आश्रितों और घायलों को अब प्रदेश आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) से भी मदद मिलेगी। मृतक के परिवार को चार लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
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demo - फोटो : AI Image- Freepik
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर आपदा प्रबंधन पुनर्वास विभाग ने पाकिस्तानी गोलाबारी को राज्य आपदा घोषित कर दिया है। युद्ध जैसे हालात में मारे गए लोगों के आश्रितों और घायलों को अब प्रदेश आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) से भी मदद मिलेगी। मृतक के परिवार को चार लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। 60 फीसदी से ज्यादा घायलों को ढाई लाख और 40 से 60 फीसदी घायल होने पर 75 हजार रुपये की मदद मिलेगी। इसके अलावा 40 फीसदी तक घायल को 16 हजार रुपये दिए जाएंगे।

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राजस्व विभाग पाकिस्तानी गोलाबारी में मरने वालों का आकलन कर रिपोर्ट जिला उपायुक्तों को देगा। गोलाबारी में घायल हुए लोगों का अस्पतालों से रिकॉर्ड मांगा गया है। इनकी रिपोर्ट के आधार पर एसडीआरएफ से फंड जारी होगा। जम्मू-कश्मीर में ऐसा पहली बार हुआ है। यह मदद प्राकृतिक आपदा की तरह ही दी जाएगी। उपायुक्तों के माध्यम से प्रभावित परिवारों तक यह सहायता राशि पहुंचाई जाएगी। यह मदद मृतकों के परिवारों से लेकर घायलों और संपत्ति का नुकसान होने पर दी जाएगी।

पक्का मकान क्षतिग्रस्त होने पर 1.20 लाख रुपये, कच्चा गिरने पर मिलेंगे 65 हजार
पाकिस्तानी गोलाबारी में संपत्ति के नुकसान पर भी मुआवजा मिलेगा। ऐसे प्रभावितों को तीन हजार से 1.20 हजार लाख रुपये तक की मदद मिलेगी। जिन लोगों का पक्का मकान क्षतिग्रस्त हुआ है, उन्हें 1.20 लाख रुपये दिए जाएंगे। कच्चे मकान के नुकसान पर 65 हजार रुपये की मदद मिलेगी। गोशाला के धराशायी होने पर तीन हजार रुपये दिए जाएंगे। जिन क्षेत्रों में आकलन हो चुका है, वहां मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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युद्ध के हालात में आपदा की मदद : अहमद
आपदा प्रबंधन पुनर्वास विभाग के प्रबंधक (वाॅर रूम) मुश्ताक अहमद के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में बने युद्ध जैसे हालात आपदा में शामिल किए गए हैं। इसमें प्रभावित परिवारों को एसडीआरएफ के माध्यम मदद मिलेगी। संबंधित जिलों के डीसी को एसडीआरएफ से जारी फंड को प्रभावितों तक पहुंचाने का जिम्मा साैंपा गया है। एसडीआरएफ से मृतकों के परिजन को चार लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जा रहा है। इसके अलावा घायलों और संपत्ति के नुकसान की भरपाई भी होगी।
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अब तक यह था नियम
जम्मू-कश्मीर में अब तक प्राकृतिक तौर पर होने वाले नुकसान को ही आपदा में शामिल किया गया था। सरकार ने भूकंप, बाढ़ या भूस्खलन के अलावा ढांक से गिरने, सड़क हादसे, सांप के काटने या बिजली गिरने से मौत जैसे मामलों को प्राकृतिक आपदा में शामिल किया है। अब भविष्य में युद्ध जैसे हालात बनते हैं तो प्रभावितों को एसडीआरएफ से भी मदद मिलेगी।

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