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Jammu: घुसपैठ की फिराक में था पाकिस्तानी आतंकी, नियंत्रण रेखा पर दबोचा; जैश के कैंप में ले चुका है प्रशिक्षण

Mon, 29 Jun 2026 01:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, राजोरी/पुंछ

सार

आतंकी रईस खान पुत्र वजीर जैदा पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वा जिले के गांव स्पीनकाना, राजाल का रहने वाला है।
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घुसपैठ की कोशिश नाकाम। - फोटो : ANI
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मेंढर सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार कर भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश कर रहे एक पाकिस्तानी आतंकी को सेना ने रविवार को दबोच लिया। आतंकी रईस खान पुत्र वजीर जैदा पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वा जिले के गांव स्पीनकाना, राजाल का रहने वाला है।

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सूत्रों ने बताया कि सुबह करीब 11:15 बजे भारतीय सेना के जवानों एलओसी के नजदीक संदिग्ध गतिविधि देखी। इसी दाैरान काले रंग का कुर्ता-पायजामा पहने और हैंड बैग लिए एक व्यक्ति देखा गया। इसके बाद जवानों ने उसे घेरकर पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम रईस खान और पाकिस्तान का रहने वाला बताया।

पूछताछ में पता चला है कि 32 वर्षीय रईस जैश-ए-मोहम्मद के बालाकोट स्थित प्रशिक्षण शिविर में दो बार प्रशिक्षण ले चुका है। पहली बार उसने 17 दिनों तथा दूसरी बार लगभग साढ़े चार महीने तक प्रशिक्षण लिया। इस दौरान एके-47 राइफल, पिस्तौल तथा रॉकेट लॉन्चर चलाने की ट्रेनिंग ली। वह आठवीं तक पढ़ा है। पश्तो और उर्दू भाषा जानता है। अविवाहित है।
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घुसपैठिया ने बताया कि वह ईद के बाद अपने घर से निकला और कोटली पहुंचा। वहां 10 दिनों तक बाजार में मजदूरी की। इसके बाद किराये की मोटरसाइकिल से निकियाल पहुंचा। वहां से 25 जून को शाम करीब 5 बजे अग्रिम जंगल क्षेत्र में गया। यहां तीन दिन तक एलओसी पार करने के लिए रास्ते की रेकी की। 28 जून को उसने घुसपैठ की कोशिश और फिर पकड़ा गया।

ये बरामद हुआ
सेना ने रईस के कब्जे से पाकिस्तान का राष्ट्रीय पहचान पत्र, पाकिस्तानी मुद्रा 9,020 रुपये, सूखे मेवे, खजूर, मिठाइयां, दवाइयां, चाकू, प्लास, इलेक्ट्रिकल टेस्टर, दो विजिटिंग कार्ड, कपड़े, पानी की बोतलें, रिस्ट वॉच, रक्सैक बैग सहित कई अन्य सामान बरामद किए हैं।

सेना घुसपैठ का मकसद पता कर रही
सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में उसने दावा किया है कि वह अपने जिले को पाकिस्तानी सेना के प्रभाव से मुक्त कराना चाहता है। इसके लिए भारतीय एजेंसियों और सेना से संपर्क करना चाहता था। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि उसका वास्तविक मकसद क्या था और क्या वह किसी आतंकी संगठन के लिए काम कर रहा था या फिर किसी अन्य मिशन पर भेजा गया था। सेना और खुफिया एजेंसियों द्वारा उससे गहन पूछताछ जारी है।

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