जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि घाटी के युवाओं के पास रोजगार नहीं है इसलिए वे बंदूक उठा रहे हैं। उनके पास न कोई नजरिया है और न ही कोई रास्ता। इस संकटपूर्ण स्थिति पर सभी को विचार करना होगा। वे यहां नेकां के यूथ कन्वेंशन में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि युवा अपने को ठगा महसूस कर रहा है। पीडीपी-भाजपा गठबंधन की सरकार ने भी इनके लिए कुछ नहीं किया। वह सरकार की नीतियों से अपने को दबा महसूस कर रहा है। रोजगार के साधन न होने की वजह से उनमें कुंठा है। उन्होंने कहा कि नेकां के कार्यकाल में इतनी अधिक आतंकी घटनाएं नहीं हुई थीं जितनी अब हो रही हैं। जम्मू संभाग में भी आतंकवाद ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। यह खतरे का संकेत है।
केंद्र की ओर से आर्थिक रूप से पिछड़े को आरक्षण पर सवाल उठाते हुए उमर ने कहा कि अचानक साढ़े चार साल बाद आरक्षण की याद क्यों आई। केंद्र और भाजपा के इरादे नेक नहीं हैं। चुनाव करीब है तो इस प्रकार से आरक्षण देने की बात की जा रही है।
उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। युवा शक्ति ही बदलाव ला सकती है। पार्टी में युवाओं को तवज्जो दी जाएगी। उमर ने आह्वान किया कि बदलाव के लिए वे आगे आएं।