अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग महासंघ जेके-यूटी इकाई ने बैठक कर किया मंथन
अध्यक्ष ने कहा-ओबीसी समुदाय के साथ हो रह भेदभाव, नहीं मिल पाया राजनीतिक आरक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश में ओबीसी समुदाय का घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जाए। ओबीसी समुदाय के साथ हमेशा भेदभाव हुआ है। राजनीतिक आरक्षण अभी तक नहीं मिल पाया है। यह आरोप अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग महासंघ जेके-यूटी इकाई के अध्यक्ष फकीर चंद सातिया ने बैठक में लगाया है।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति और पांच अन्य वर्गों के लिए राजनीतिक आरक्षण लागू किया गया, लेकिन ओबीसी समुदाय की याद नहीं आई। बैठक में वक्ताओं ने 2014 से 2024 तक भाजपा मोदी सरकार द्वारा जेके-यूटी ओबीसी जनता के साथ अन्य भेदभावपूर्ण रवैये की भी आलोचना की और श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर भाजपा इकाई के महासचिव एके कौल (महासचिव) द्वारा दिए गए गलत बयानों की भी आलोचना की।
लोगों को 27 फीसदी आरक्षण दिया जाए। बैठक में राजेंद्र सिक्का, बलवंत कटारिया, राज कुमार चलोत्रा, विजय कुमार, मोहन लाल, मोहम्मद शब्बीर आदि मौजूद रहे।