जम्मू। विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के शुभ मुहूर्त के लिए लंबा इंतजार करना होगा। सात जुलाई के बाद ही शुभ मुहूर्त में विवाह आदि मांगलिक कार्य शुरू होंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु और शुक्र तारा उदय होने और शुभ मुहूर्त में ही विवाह आदि मांगलिक कार्य संपन्न किए जाते हैं।
श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि इस साल बुधवार 24 अप्रैल सुबह 5 बजकर 56 मिनट पर शुक्र (तारा) पूर्व में अस्त होगा और 7 जुलाई सुबह 7 बजकर 2 मिनट पर पश्चिम में उदय होगा। इसी बीच 6 मई को गुरु (तारा) शाम 7 बजकर 6 मिनट पर पश्चिम में अस्त होगा और 2 जून को पूर्व में 12:40 पर उदय होगा। इस दौरान विवाह आदि मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए। उन्होंने बताया कि गुरु और शुक्र तारा अस्त के दौरान सगाई आदि का कार्य शुभ मुहूर्त में कर सकते हैं। इसमें कोई समस्या नहीं है।
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7 जुलाई के बाद विवाह के मुहूर्त
जुलाई में 11, 12, 14, 19, 20, 21, 22, 23, 27, 30 और 31 को विवाह आदि मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त है। इसी तरह अगस्त में 5, 6, 7, 8, 11, 13, 19, 23, 24, 26, 27 और 28, सितंबर में 4, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13 और 14, अक्तूबर में 3, 6, 7, 11, 12, 20, 21, 26, 27 और 28, नवंबर में 3, 4, 6, 9, 10, 14, 17, 18, 22, 23, 24, 25, 26 और 27 और दिसंबर में 5, 6, 7 और 11 को शुभ मुहूर्त हैं।