कश्मीर स्वतंत्र पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित है, लेकिन बदकिस्मती से हालात खराब हैं। शुक्रवार को जुमे की नमाज अता करने मस्जिदों में जाने तक से बुजुर्ग कतराते हैं। पता नहीं कब पत्थरबाजी हो जाए। ऐसे हालात में जम्मू को स्वतंत्र पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की जरूरत है।
पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती साहब की भी यही कोशिश रही। अखनूर के जिया पोता घाट में शुक्रवार को टूरिज्म कांप्लेक्स का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अपने संबोधन में यह बात कहीं।
महबूबा ने कहा जम्मू में मुबारकमंडी जैसा ऐतिहासिक स्थल है। इसको यदि सही ढंग से विकसित कर लिया गया, तो पर्यटकों की भीड़ लग जाएगी। उन्होंने कहा कि मुबारक मंडी जैसा स्थल यदि दुनिया में कहीं होता, तो वह दुनिया का अजूबा होता। मुबारक मंडी को देखकर उनकी आंखें खुली की खुली रह गईं। इस स्थल को विकसित किया जाएगा। विशेषज्ञ कंसल्टेंट को इस काम पर लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा सुचेतगढ़ को वाघा बार्डर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। ऐसा ही चमलियाल में भी किया जाएगा। अखनूर और जिया पोता घाट को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू की गई है। यह मार्ग राजोरी-पुंछ के अलावा मुगल रोड के रास्ते में भी आता है। ऐसे में इस स्थल को पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाया जाएगा।