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Jammu Narwal Blast: कश्मीर के बाद अब जम्मू नया ठिकाना, नरवाल हमले में आतंकियों के स्लीपर सेल पर शक

Mon, 23 Jan 2023 01:49 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

सुरक्षा एजेंसियों को नरवाल हमले में भी सक्रिय स्लीपर सेल पर शक है। इसी आधार पर इनकी तलाश में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का मानना है कि कश्मीर में सख्ती की वजह से अब आतंकियों को किसी भी प्रकार की गतिविधियों का मौका नहीं मिल पा रहा है।
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नरवाल में ब्लास्ट के बाद जांच करते सुरक्षाबल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कश्मीर के बाद अब जम्मू को आतंकी गतिविधियों का नया ठिकाना बनाने की सीमा पार से साजिश रची गई है। पिछले कुछ समय से सीमावर्ती जिलों के साथ ही जम्मू खास फोकस में है। चिनाब वैली इलाके को भी अशांत करने के कई प्रयास हो चुके हैं। पाकिस्तानी हैंडलरों ने सक्रिय स्लीपर सेल को आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।

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चाहे वह ड्रोन ड्रॉपिंग से हथियारों व नशे की तस्करी का मामला हो या फिर आतंकी घटनाओं के लिए रैकी का। सबमें इनका इस्तेमाल किया जा रहा है। नरवाल हमले में भी सक्रिय स्लीपर सेल पर शक है। इसी आधार पर सुरक्षा एजेंसियां इनकी तलाश में जुटी हुई हैं।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि कश्मीर में सख्ती की वजह से अब आतंकियों को किसी प्रकार की गतिविधियों का मौका नहीं मिल पा रहा है। इस वजह से उन्होंने अपना दायरा बढ़ाने की साजिश रची है। इसके तहत जम्मू संभाग को भी दोबारा आतंक की आग में झोंकने की कोशिश की जा रही है।
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इसमें सीमावर्ती जिलों राजोरी व पुंछ के साथ जम्मू व उधमपुर केंद्र में है। किश्तवाड़ व डोडा में भी नए युवाओं को आतंकवाद में झोंकने की साजिश की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि पहले आतंकी रह चुके लोग जो इन दिनों पाकिस्तान से ऑपरेट कर रहे हैं उन्होंने अपना नेटवर्क बढ़ाना शुरू किया है।

ये लोग पैसे देकर युवाओं को अपने जाल में फंसाते हैं। इन्हें सोशल मीडिया से कट्टरता का पाठ पढ़ाया जाता है और फिर टारगेट सौंपा जाता है। उधमपुर बस स्टैंड धमाके में डोडा निवासी खुबैब के हाथ होना प्रमाणित हो चुका है। सूत्र बताते हैं कि खुबैब की तरह ही पाकिस्तान में सक्रिय अन्य स्थानीय आतंकी भी धीरे-धीरे अपना नेटवर्क बढ़ा रहे हैं।

पूर्व डीजीपी डॉ. एसपी वैद का कहना है कि सीमा पार से अब शांत क्षेत्र जम्मू पर अपना ध्यान केंद्रित किया गया है। यह गंभीर संकेत है। खुफिया नेटवर्क को और मजबूत करना होगा। खासकर स्लीपर सेल का पता लगाकर नजर रखनी होगी। संवेदनशील इलाकों में सख्ती बढ़ानी होगी। इसके साथ ही सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय स्लीपर सेल नेटवर्क को ध्वस्त करना होगा। ग्राम सुरक्षा समूह (वीडीजी) को मजबूत करना होगा।

जम्मू में कई वारदातें, कई आतंकी भी पकड़े गए

जम्मू से एनआईए ने पिछले दिनों ड्रोन ड्रॉपिंग मामले में एक आतंकी को गिरफ्तार किया है जिसने कठुआ से गिराए गए हथियाए लिए थे। यहां जम्मू बस स्टैंड से आईईडी के साथ आतंकी पकड़ा जा चुका है। इसके साथ ही नरवाल इलाके से आईईडी के साथ कश्मीर के एक आतंकी को पिछले साल पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

इसी दिन जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन से हमले की भी घटना हुई थी। गत वर्ष अप्रैल महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पल्ली गांव में कार्यक्रम से पहले सिद्दड़ा इलाके में मुठभेड़ में दो आतंकी मार गिराए गए थे। कुंजवानी में भी एक वाहन से हथियारों के साथ एक आतंकी को हिरासत में लिया जा चुका है।

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