नगर निगम करने जा रहा यह व्यवस्था, घरों से कचरा भी नहीं उठेगा, चिह्नित किए जा रहे पैसे नहीं देने वाले
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर के स्वच्छता प्रबंधन को लेकर नगर निगम नित नए प्रयोग करने के साथ ही नियम बना रहा है। इसी क्रम में नगर निगम ने दो नए नियम बनाए हैं। इसके तहत यदि नगर निगम से कोई प्रमाण पत्र लेना है तो पहले कचरा शुल्क भुगतान रसीद दिखानी होगी। इसके अलावा शुल्क अदा नहीं करने पर कचरा नहीं उठाया जाएगा।
लोग कचरा शुल्क की अदायगी नहीं कर रहे हैं। इन्हें शुल्क अदायगी के बाद प्रमाण पत्र मिलेंगी। नगर निगम जल्द ही नई व्यवस्था करने जा रहा है।
मौजूदा समय में नगर निगम को राजस्व नुकसान हो रहा है। घर-घर से कचरा संग्रहण सुविधा के तहत सफाई कर्मी रोजाना सुबह कचरा एकत्रित तो कर रहे हैं, लेकिन शुल्क की अदायगी नहीं हो रही है। लोग आनाकानी कर रहे हैं। कुछ घरों से एक से दो साल से शुल्क की अदायगी नहीं हुई है।
मौजूदा समय में नगर निगम की ओर से घर-घर कचरा संग्रहण सुविधा की एवज में 100 रुपये शुल्क वसूला जा रहा है।अब शुल्क की अदायगी नहीं होने पर निगम सख्त हो गया है। इसके तहत नई व्यवस्था बनाने की तैयारी है। इसमें प्रमाणपत्र जारी करने से पहले शुल्क भुगतान रसीद होना अनिवार्य की जा रही है।
मौजूदा समय में शहरभर में 1.20 लाख घर हैं, लेकिन घर-घर कचरा संग्रहण सुविधा से 85 हजार घर ही जुड़ पाए हैं। इस कारण नगर निगम को सफाई व्यवस्था बहाल रखने में परेशानी आ रही है।
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यह काम होते हैं नगर निगम में
नगर निगम में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र, विभिन्न व्यापारिक गतिविधियों के लिए लाइसेंस और एनओसी देना, डेयरी पंजीकरण, सड़क काटने की अनुमति, नया सीवरेज कनेक्शन, पालतू कुत्तों का पंजीकरण, क्लीनिकल पंजीकरण, बर्ड पेट ट्रेड जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
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शहर में ऐसे होती है सफाई
शहर में सुबह सात बजे से ऑटो के माध्यम से कचरा एकत्रित होता है। इसके अलावा ऐसे इलाके जहां पर ऑटो नहीं जा सकता, वहां पर रेहड़ी के माध्यम से सफाई होती है। सफाई व्यवस्था बहाल करने में करीब 2700 कर्मचारी सेवाएं देते हैं।
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कोट
शुल्क जारी न करने वालों घरों पर सख्ती होगी। नगर निगम नई व्यवस्था करने जा रहा है। इसमें प्रमाणपत्र बनाने के लिए शुल्क की रसीद दिखाना जरूरी होगा।
- डॉ. विनोद शर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम
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चिह्नित किए जा रहे घर, भुगतान नहीं करने वालों को जारी होंगे नोटिस
नगर निगम को जिन घरों से कचरा शुल्क नहीं आ रहा है, उन्हें चिह्नित किया जा रहा है। नगर निगम की ओर से कई बार घरों को नोटिस जारी करने की सूचना दी है। जुर्माने का प्रावधान भी किया, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। नगर निगम को हर साल राजस्व नुकसान हो रहा है। सफाई पर खर्चा ज्यादा आ रहा है। चिह्नित घरों को अंतिम बार नोटिस जारी होंगे। निगम के अनुसार ऐसे भी घर हैं, जो बहुमंजिला हैं। कॉलोनी भी खाली जगह में बसाई गई हैं। इनसे कचरा दस घरों के बराबर आ रहा है, लेकिन शुल्क 100 रुपये भी नहीं मिल रहा है।