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धर्म की स्थापना के लिए श्रीकृष्ण ने लिया था अवतार : कथावाचक

Tue, 29 Apr 2025 02:24 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
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मढ़ विधानसभा के सुई गांव में श्रीमद्भागवत कथा का पांचवां दिन
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संवाद न्यूज एजेंसी
मिश्रीवाला। श्रीकृष्ण के अवतार की कथा सनातन धर्म में बहुत महत्वपूर्ण है। यह कहानी बताती है कि अधर्म को नष्ट करने और धर्म की स्थापना के लिए उन्होंने अवतार लिया था। यह ज्ञान कथावाचक गिरिधर गोपाल व्यास देव सोमवार को मढ़ विधानसभा के सुई गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान दिया।
पांचवें दिन उन्होंने संगत को श्रीकृष्ण जन्म की लीला सुनाई। उन्होंने कहा कि मथुरा में राजा उग्रसेन का शासन था, लेकिन उनके पुत्र कंस ने उन्हें कैद कर लिया और स्वयं राजा बन गया। कंस एक अत्याचारी राजा था और उसकी बहन देवकी का विवाह वासुदेव से हुआ था।
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इस दौरान आकाशवाणी हुई थी कि देवकी का आठवां पुत्र कंस का वध करेगा। यह सुनकर कंस ने देवकी और वासुदेव को कारागार में डाल दिया और उनके हर बच्चे को मारने का फैसला किया। उनके छह बच्चों को मार दिया, लेकिन जब देवकी सातवें महीने गर्भवती हुई, तो भगवान विष्णु ने हस्तक्षेप किया।
देवकी के गर्भ को रोहिणी के गर्भ में स्थानांतरित कर दिया, जिससे बलराम का जन्म हुआ। आठवें में भगवान विष्णु ने स्वयं देवकी के गर्भ से कृष्ण के रूप में जन्म लिया। उक्त समय कैदखाने के पहरेदार सो गए और दरवाजे अपने आप खुल गए। वासुदेव ने कृष्ण को यमुना नदी के पार गोकुल में नंद और यशोदा के घर पहुंचाया।
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जहां उन्होंने अपने बच्चे के साथ कृष्ण को बदल दिया। जब कंस ने देवकी के बच्चे को मारने की कोशिश की, तो वह पत्थर की मूर्ति में बदल गई और आकाश में गायब हो गई। कथा में संतोष चिब, कस्तूरी लाल, गणेश कुमार, यश पंडित और सुरेश कुमार आदि उपस्थित रहे।
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