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Jammu News: पूजा-अर्चना कर माताओं ने संतान की दीर्घायु की कामना

Sat, 18 Jan 2025 02:41 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
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मिश्रीवाला में व्रत की पूजा करतीं महिलाएं। संवाद
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जिलेभर में धूमधाम से मनाई गई श्रीगणेश संकट चतुर्थी, महिलाओं ने रखा भुग्गे का व्रत
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू/मिश्रीवाला। जिलेभर में शुक्रवार को श्रीगणेश संकट चतुर्थी मनाई गई। इस दौरान महिलाओं ने भुग्गे का व्रत रख कर संतान की दीर्घायु की कामना की। साथ ही शाम को घरों और मंदिरों में सामूहिक पूजा कर व्रत खोला। इस दौरान लक्ष्मी नारायण मंदिर गांधीनगर, शिव मंदिर शास्त्री नगर और महालक्ष्मी मंदिर पक्का डंगा आदि में श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
भुग्गे का व्रत डुग्गर प्रदेश में प्रमुखता से मनाया जाता है। मिश्रीवाला में बड़ी संख्या में महिलाओं ने संकट चतुर्थी व्रत का उद्यापन और मोख भी किया। दिनभर मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए महिलाओं की भीड़ लगी रही। रात को चंद्रोदय के बाद व्रतधारी महिलाओं ने अर्घ्य देकर बच्चों के नाम का भुग्गा, मूली व गन्ना भी रखा।
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इसमें बाद में कुल पुरोहित व कन्याओं में वितरित किया गया। इसके बाद व्रत का उद्यापन किया। यह सबसे कठिन व्रत माना जाता है। व्रत के लिए तिल व गुड़ का प्रसाद तैयार किया गया था। व्रत के लिए दिनभर हलवाई की दुकानों पर खूब खरीदारी हुई।
शामा चक निवासी पूजा रानी ने बताया कि महाभारत काल में श्रीकृष्ण की सलाह पर पांडु पुत्र धर्मराज युधिष्ठिर ने सबसे पहले संकट चौथ का व्रत रखा था। तब से लेकर महिलाएं पुत्र की दीर्घायु के लिए व्रत रख रही हैं।
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डुग्गर मान्यताओं के अनुसार भुग्गे को व्रत को मौसम के बदलाव से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि भुग्गे के व्रत के साथ ही ठंड कम होने लगती है और इस दिन के बाद हाथ-पांव जमाने वाली ठंड नहीं रहती।
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