दो दिवसीय महापंचायत का आगाज, एक साथ संघर्ष करने का ऐलान
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर केजुअल लेवर यूनाइटेड फ्रंट (जेकेसीएलयूएफ) की ओर से नियमितीकरण की मांग के समर्थन में महाराजा हरि सिंह पार्क में प्रदर्शन के साथ दिहाड़ी मजदूरों की दो दिवसीय महापंचायत शुरू हुई। इसमें पीएचई, पीडब्ल्यूडी, वन विभाग, सफाई कर्मी, जमा दो लेक्चरर, होम गार्ड्स और अन्य विभागों के दिहाड़ीदारों ने भाग लिया। साथ ही एक साथ संघर्ष करने का ऐलान किया।
पहले दिन भाजपा नेता एवं विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि दिहाड़ी मजदूरों को हक मिले। वह उनके साथ हैं। विधानसभा सत्र के दौरान उन्होंने और उनकी पार्टी के अन्य विधायकों ने दिहाड़ी मजदूरों के मुद्दों को सरकार के समक्ष रखा। दिहाड़ी मजदूर अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनकी सभी मांगें जायज हैं और सरकार से अपील की कि वह इन मांगों पर ध्यान दे।
जोरावर सिंह जम्वाल ने भी कहा कि जेकेसीएलयूएफ को पूरा समर्थन मिलेगा। जेकेसीएलयूएफ के अध्यक्ष तनवीर हुसैन ने कहा कि हम अपनी मांगों को लेकर लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं, चाहे सड़क पर हो या सिविल सचिवालय के सामने। अब उम्मीद है कि सरकार हमारे साथ न्याय करेगी। इस मौके पर इंप्लाइज ज्वांइट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष बाबू हुसैन, प्रदीप शर्मा, देवेंद्र सिंह, पवन कुमार, तारिक रसूल, सुभाष चंद, धनी राम, कमला शर्मा और अन्य मौजूद रहे।
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ये हैं दिहाड़ीदारों की प्रमुख मांगें
- न्यूनतम वेतन अधिनियम लागू किया जाए
-नियमितीकरण नीति बनाई जाए
-ऑनलाइन प्रक्रिया में कर्मचारियों को शामिल किया जाए
-ओवर एज मजदूरों और सेवा के दौरान मारे गए मजदूरों के लिए नीति बनाई जाए
-बकाया वेतन जारी किया जाए
-सफाई कर्मचारी अधिनियम को लागू किया जाए
-दिहाड़ी मजदूरों के मुद्दों पर बनी यूटी सरकार की समिति में उनके प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए
-सुप्रीम कोर्ट द्वारा 11 मार्च 2015 को होम गार्ड्स के पक्ष में पारित आदेश को लागू किया जाए
-जेकेपीडीसीएल में 2019 में डीपीसी हुई, इसे लागू किया जाए
-बकाया वेतन का भुगतान किया जाए और वन विभाग में 25 दिनों का वेतन समय पर दिया जाए