संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। नगर निगम जम्मू और श्रीनगर के आयुक्त शहर की जिम्मेदारी संभालेंगे। आवास और शहरी विकास विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। एसएमसी और जेएमसी के आयुक्तों को दो साल की अवधि या जब तक चुनाव नहीं होते तब तक प्रशासक के रूप में नियुक्त किया है। यह कदम इसलिए आवश्यक था क्योंकि निर्वाचित प्रतिनिधियों का पांच साल का कार्यकाल श्रीनगर में 5 तो जम्मू में 14 नवंबर को समाप्त हो गया था।
जम्मू और श्रीनगर निगम भंग होने के बाद आम जनता के मन में यही सवाल था कि कार्य कौन करवाएगा और कैसे काम सुचारू रूप से हो पाएंगें। आवास और शहरी विकास विभाग के आदेश के बाद आयुक्त नगर निगम अधिनियम-2000 के तहत प्रदान कर्तव्यों का पालन करेंगे। सरकार को सुचारु रूप से चलाने और बड़े पैमाने पर जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से नियम को लागू किया गया है। इसके अलावा नगर निगम अधिनियम के प्रावधान को प्रभावी करने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए फैसला लिया गया है। निगमों के अनुसार निर्वाचित प्रतिनिधियों का पांच वर्ष का कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव होने जरूरी हैं या फिर कार्यकाल समाप्त होने के 6 महीने के बीच चुनाव होने चाहिए। वहीं, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने चुनाव को लेकर बात की है कि परिसीमन और अन्य पिछड़ा वर्ग को अधिकार देने के बाद ही चुनाव करवाए जाएंगे।
नगर निगम अधिनियम की धारा 427 के तहत सरकार को ऐसे आदेश जारी करने का अधिकार है। जम्मू नगर निगम के आयुक्त राहुल यादव ने कहा कि लोगों के काम करने के लिए हमेशा से तैयार थे और सरकार द्वारा दी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया जाएगा।