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Jammu: डेंगू के नाम पर लोगों की काटी जा रही जेब, कई निजी लैब कर रही भ्रमित

Wed, 14 Sep 2022 03:23 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

लैबों में अगर कोई बुखार से पीड़ित या डेंगू के लक्षण वाला मरीज टेस्ट के लिए पहुंचता है, तो उसे आईजीजी, आईजीएम और एनएस 1 कंबो टेस्ट करवाने के लिए कहा जाता है, जबकि आईजीजी टेस्ट की कोई जरूरत नहीं है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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जम्मू संभाग की निजी लेबोरेटरी में डेंगू के नाम पर लोगों की जेब काटने का काम किया जा रहा है। इन लेबोरेटरी से आने वाले डेंगू टेस्ट अधिकांश पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। डेंगू की एलिजा आईजीएम (इम्यूनग्लोबिन एम) और एनएस 1 (नान स्ट्रक्चल प्रोटीन 1) टेस्ट से सही पुष्टि होती है। इन टेस्ट में ताजा वायरस इंफेक्शन मिलता है, जबकि आईजीजी (इम्यूनग्लोबिन जी) टेस्ट में काफी समय पहले का वायरस इंफेक्शन भी दर्शाता है। लेकिन कई निजी लेबोरेटरी में बेवजह तीनों टेस्ट करवाकर मरीजों से हजारों रुपये ऐंठे जा रहे हैं। इसके साथ ही जब आईजीजी टेस्ट में पॉजिटिव हो जाता है, तो उसे बेवजह इलाज पर भी हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। ये सभी टेस्ट सरकारी अस्पतालों में निशुल्क होते हैं।
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कई निजी लेबोरेटरी में डेंगू सीजन को कैश किया जा रहा है। इन लैबों में अगर कोई बुखार से पीड़ित या डेंगू के लक्षण वाला मरीज टेस्ट के लिए पहुंचता है, तो उसे आईजीजी, आईजीएम और एनएस 1 कंबो टेस्ट करवाने के लिए कहा जाता है, जबकि आईजीजी टेस्ट की कोई जरूरत नहीं है। मजेदार यह है कि अधिकांश मामलों में पुराने वायरस इंफेक्शन के कारण आईजीजी टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है और कई निजी लेबोरेटरी अपनी जेबें भरने के लिए लोगों को इसे डेंगू दर्शा रहे हैं। अब इसके बाद मरीज डाक्टर के पास पहुंचकर खुद को डेंगू पॉजिटिव बता रहा है, जिससे उसे बेवजह मल्टीविटामिन, एंटीबॉडी सहित अन्य दवाओं का सेवन करने के लिए कहा जाता है। इससे महंगे निजी लैब टेस्टों के बाद मरीज बेवजह अपने उपचार पर हजारों रुपये खर्च कर रहा है। निजी लैब में आईजीजी, आईजीएम और एनएस 1 कंबो टेस्ट 1800 से 2100 रुपये में किए जा रहे हैं। 

बुखार से भ्रमित होकर सभी टेस्ट कराने की जरूरत नहीं 

पूर्व सीएमओ जम्मू डॉ. जेपी सिंह का कहना है कि लोगों को बुखार से भ्रमित होकर सभी टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं है। डेंगू के लक्षण मिलने पर डॉक्टरी सलाह के बाद ही एलिजा टेस्ट करवाएं। पीड़ित ये टेस्ट सरकारी अस्पताल में निशुल्क करवा सकता है। इसके लिए निजी लैब में जाने की जरूरत नहीं है। अगर आपको कोई निजी लैब वाला कंबो टेस्ट करवाने के लिए कहता है, तो इसके लिए आपको जागरूक होना चाहिए। शहर की कई प्रमुख लैबों में पीड़ित को कंबो टेस्ट के लिए भ्रमित किया जाता है। शहर में सरकारी स्तर पर जीएमसी जम्मू के अलावा गांधीनगर और सरवाल अस्पताल में निशुल्क डेंगू टेस्ट किए जा रहे हैं। 
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पॉजिटिव होने पर पीड़ित खुलकर तरल पदार्थ लें

जम्मू। अगर आप डेंगू से पीड़ित हैं, तो घबराएं नहीं। इसमें डॉक्टर की सलाह पर बुखार और एंटीबायोटिक दवाएं के साथ खुलकर तरल पदार्थ लें। तरल पदार्थों में नारियल पानी, नींबू पानी, ओआरएस का घोल, दही का पानी आदि का सेवन करें। तरल पदार्थों के साथ शरीर में प्लेटलेट्स की मात्रा सामान्य बनी रहती है। बुखार का असर 2 से 5 दिन तक रह सकता है। डेंगू के बचाव को खासतौर बच्चों की बाजू और टांगों को पूरी तरह से ढककर रखें। 

जम्मू जिले में 88 प्रतिशत डेंगू के मामले

प्रदेश में अब तक 521 डेंगू के मामले मिल चुके हैं। इसमें 88 प्रतिशत मामले जम्मू जिला से हैं। यहां अब तक 459 मामले मिल चुके हैं। इसमें शहरी क्षेत्र अधिक प्रभावित हैं। पिछले साल डेंगू मामलों में शहर का रिहाड़ी इलाका पहले नंबर पर था, नानक नगर और गांधीनगर दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे। लेकिन इस साल रिहाड़ी, सुभाष नगर, पलोड़ा, सरवाल, न्यू प्लाट, शिव नगर, जानीपुर इलाके अधिक प्रभावित हैं। प्रभावित क्षेत्रों में मच्छरों के खिलाफ अभियान के लिए दूसरे क्षेत्रों से चिकित्सा स्टाफ को डायवर्ट किया गया है।

जीएमसी जम्मू में अधिक मरीज

जीएमसी जम्मू में अब तक डेंगू के 71 मरीज आ चुके हैं, जिसमें 49 को छुट्टी दी गई है। 17 मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। इसके साथ दो मरीज उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों में चले गए। 

केस 1
शरीर में कमजोरी बढ़ी

रिहाड़ी निवासी बाली ने बताया कि गत 23 अगस्त को वह डेंगू से पीड़ित हुईं। 8 से 10 दिन तक बुखार सहित अन्य शारीरिक समस्याएं रहीं। प्लेटलेट्स 60 हजार तक पहुंच गए थे। अब हालत सामान्य है, लेकिन कमजोरी बढ़ी है। 

केस-2
कुछ दिन बुखार रहा

गांधीनगर निवासी सुरेश ने बताया कि तीन दिन पहले गांधीनगर अस्पताल में डेंगू टेस्ट की पुष्टि हुई। कुछ दिन बुखार से पीड़ित रहा, लेकिन अब हालत सामान्य हो गई है। 

केस-3
अस्पताल में कराई जांच

सतवारी निवासी सुशील पांडे ने बताया कि गत 15 दिन पहले डेंगू पॉजिटिव होने पर तबीयत अचानक खराब हो गई थी। टेस्ट अस्पताल में करवाया था। अब हालत सामान्य है, लेकिन शरीर में कमजोरी हो गई है। 

निजी लैबों में टेस्ट को लेकर लोग जागरूक हों 

डेंगू के टेस्ट की सुविधा सरकारी अस्पतालों में निशुल्क उपलब्ध है। लोगों को निजी लैब में टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं है। खासतौर पर आईजीजी टेस्ट में डेंगू की पुष्टि नहीं होती है। लोग जागरूक होकर बेवजह निजी लैबों में महंगे टेस्टों से बचें। - डॉ. सलीम उर रहमान, स्वास्थ्य निदेशक, जम्मूI 
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