छह साल में 10 करोड़ पहुंची लागत, एमए स्टेडियम में 2019 में शुरू हुआ था निर्माण
गतिविधियां ठप होने से खिलाड़ियों को नहीं मिल रहा लाभ
जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल के इंजीनियरिंग विंग का दावा चार माह में पूरा होगा काम
कहा, शेष कार्य के लिए किया है टेंडर
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर के मौलाना आजाद (एमए) स्टेडियम का ऑल वेदर स्वीमिंग पूल का काम छह साल में भी लेटलतीफी के चलते अधर में लटका हुआ है। इससे परियोजना की लागत सात से बढ़कर 10 लाख पहुंच गई है। वहीं, खेल गतिविधियां बंद होने से खिलाड़ी प्रतियोगिता की तैयारियां निजी संस्थानों में करने के लिए मजबूर हैं।
इससे साफ है कि इस बार भी गर्मियों में खिलाड़ियों को स्वीमिंग पूल की सुविधा नहीं मिलेगी। क्योंकि, स्वीमिंग पूल का कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। 2019 में काम शुरू हुआ था, जिसके बाद से स्वीमिंग से जुड़ी गतिविधियां ठप हैं। स्वीमिंग पुल को लेकर जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल के इंजीनियरिंग विंग का दावा है कि चार महीने में इसे तैयार कर दिया जाएगा। शेष कार्य के लिए नए टेंडर किया है।
एमए स्टेडियम के स्वीमिंग पूल को ऑल वेदर बनाना है। यहां पर हर मौसम में स्वीमिंग से जुड़ी गतिविधियां होंगी। साथ ही प्रदेश राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप की मेजबानी भी कर पाएगा। यहां पर विभिन्न आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए दो पूल बनाए जा रहे हैं।
पूल में ये कार्य हैं शेष
पूल का ढांचा बना हुआ है, लेकिन अन्य जरूरी निर्माण कार्य शेष हैं। इसमें पुल में पानी को साफ करने के लिए संयंत्र लगाया जाएगा। इसके लिए ही तीन करोड़ रुपये का नया टेंडर हुआ है और निर्माण कंपनी एक से दो दिन में तय हो जाएगी।
कार्यों पर अब तक खर्च हो चुके हैं 7.12 करोड़ रुपये
स्वीमिंग पुल की शुरू में लागत सात करोड़ रुपये थी, लेकिन लेटलतीफी के चलते अब यह बढ़कर दस करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। फरवरी 2019 में स्वीमिंग पुल के निर्माण को सुस्त परियोजना योजना में रखा था। तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पहले फेज में 3.50 करोड़ व दूसरे फेज में कैपेक्स के तहत 4.93 करोड़ रुपये जारी हुए थे। अभी तक कुल 7.12 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
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निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जाएगा। शेष कार्य के लिए टेंडर किया है। टेंडर में चार महीने में निर्माण कार्य पूरा करने की शर्त रखी है।
-संजीव शर्मा, एक्सईएन, जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल