सीमा पर शांति का माहौल बनने से फिर बढ़ने लगे श्रद्धालु
शाम छह बजे तक 9,600 श्रद्धालु करा चुके थे पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा। भारत-पाकिस्तान सीमा पर युद्धविराम के बाद मां वैष्णो देवी की यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। दो दिन में ही श्रद्धालुओं की संख्या डेढ़ गुना हो गई। शनिवार को शाम छह बजे तक लगभग 9,600 श्रद्धालुओं ने यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं।
शुक्रवार को यह संख्या लगभग छह हजार के आसपास थी। प्रशासन का अनुमान है कि दिन के अंत तक यह आंकड़ा 13 हजार तक पहुंच सकता है। सीमा पर शांति बहाल होने के बाद श्रद्धालुओं का विश्वास बढ़ा है, जिससे यात्रा में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। हाल के हफ्तों में सुरक्षा चिंताओं के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में गिरावट आई थी। अब स्थिति सामान्य हो रही है।
यात्रा प्रबंधन बोर्ड और स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई कदम उठाए हैं। मेडिकल सहायता केंद्र, पेयजल और स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था की गई है। रेलवे, बस स्टैंड और हेलीकॉप्टर सेवाओं में यात्रियों की संख्या बढ़ी है।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से स्थानीय दुकानदारों और होटल व्यवसायियों को भी फायदा हो रहा है। कई व्यापारियों ने बताया कि लंबे समय बाद उन्हें अच्छी कमाई हो रही है।
एक अधिकारी ने कहा कि हम श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं और मजबूत कर रहे हैं ताकि यात्रा सुगम और सुरक्षित रहे। यदि सीमा पर शांति बनी रही तो आने वाले दिनों में और अधिक श्रद्धालु वैष्णो देवी के दरबार में पहुंच सकते हैं।
यह यात्रा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था के लिए भी अहम योगदान देती है। सीमा पर शांति ने न केवल लोगों का विश्वास बढ़ाया है, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी नई गति दी है।