हाल में वुसन और अंदरगाम से लापता युवाओं को इन्होंने ही आतंकी संगठन में शामिल करवाया था। अधिकारी के अनुसार दोनों युवाओं को वैध दस्तावेजों पर पाकिस्तान भेज रहे थे, जहां उन्हें हथियारों का प्रशिक्षण दिया जाता था। वापसी पर उन्हें हथियार मुहैया कराए जाने थे। दोनों ने यह भी बताया कि उनके पास कुछ हथियार और गोला-बारूद है, जो उन्हें अबु जरगाम को मुहैया कराना था। सुरक्षाबलों ने ये हथियार बरामद कर लिए हैं।
पुलिस के मुताबिक अधिकारी जम्मू में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने वाले वुसन पट्टन का अब्दुल कयूम नामक युवा अचानक गायब हो गया। पूछताछ में सामने आया कि इन दोनों ने कयूम का पाकिस्तान का वीजा बनवाया था। 23 फरवरी को कयूम वाघा बॉर्डर से एमबीबीएस के लिए पाकिस्तान गया। उसे पाकिस्तान हथियारों की ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था। 2018 में उन्होंने वुसन के उमर और गुलजार और लिद्दर पहलगाम के आदिल मीर और उमर खान के लिए भी वीजा तैयार किया था। इन्हें दाखिला के बहाने भेजा गया था लेकिन इनमें से दो युवा बारामुला में लश्कर के सक्रिय आतंकी हैं।
पूछताछ में पता चला कि मौलवी शौकत का संपर्क जम्मू के कानाचक सेक्टर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लांचिंग पैड पर आतंकी आकाओं के साथ भी था। उसके द्वारा जम्मू शहर के साथ साथ गुरुद्वारा, मस्जिद और सेना के कैंप के फोटो भी पाकिस्तान भेजे गए थे।