बेटियों की जन्म दर में हुआ इजाफा
बीते पांच साल में बेटियों की जन्म दर बढ़ी है। साल 2018 तक यहां बेटियों की जन्मदर 1000 पर 923 थी, अब यह बढ़कर 976 हो गई है।
इस सर्वे में हुआ खुलासा
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-पांच के अनुसार जम्मू-कश्मीर के लिए कार्वी डेटा मैनेजमेंट द्वारा एक जुलाई 2019 से दो साल का सर्वे लिया गया है। इसमें महिलाओं में आए बदलाव का असर साफ दिखा है। यह जानकारी प्रदेश के अलग-अलग जिलों के 18086 घरों की 23037 महिलाओं और 3087 पुरुषों से 12 विभिन्न बिंदुओं पर बातचीत कर एकत्र की गई।
महिलाओं के पास स्मार्टफोन होने की संभावना 20 फीसदी कम
रिपोर्ट के मुताबिक पुरुषों की तुलना में महिलाओं की इंटरनेट तक पहुंच अभी भी काफी कम है। महिलाओं के पास स्मार्टफोन होने की संभावना 20 फीसदी कम है। महिला सशक्तिकरण एक ऐसी अनिवार्यता है, जिसकी अवहेलना किसी भी समाज और देश के विकास की गति को धीमा कर सकती है।
श्रीनगर में जन्म दर हुई कम, इन जिलों में बढ़ी
हालांकि चौंकाने वाली बात यह है कि बडगाम, गांदरबल, राजोरी और श्रीनगर में बेटियों के जन्म दर में कमी आई है। वहीं अनंतनाग, बांदीपोरा, कठुआ और पुंछ में बेटियों की जन्मदर में बड़ा इजाफा देखने को मिला है। इसकी वजह महिलाओं में आई जागरूकता को बताया जा रहा है।
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अस्पताल ले जाते वक्त महिला ने मृत बच्चे को जन्म दिया (सांकेतिक तस्वीर)
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