जम्मू विवि में मूकबधिर कलाकार प्रस्तुति देते हुए
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जम्मू विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम और लघु फिल्म समारोह हुआ। दिल्ली, बेंगलुरु, केरल, पंजाब, पश्चिम बंगाल सहित भारत के विभिन्न हिस्सों से मूकबधिर 150 बच्चे और युवा राजिंदर सिंह सभागार में पहुंचे। लोक नृत्य, मैजिक-फैशन शो, क्विज सेशन, शॉर्ट ड्रामा और शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग जैसी गतिविधियां हुईं।
मूकबधिर कलाकारों ने बिना संगीत कश्मीरी, डोगरी और पंजाबी नृत्य पर प्रस्तुति दी। सभागार शांत होकर भी गुंजायमान था। चेहरों पर मुस्कान थी। आयोजन दिव्यांगता पहल इकाई और छात्र कल्याण विभाग द्वारा द एसोसिएशन ऑफ डेफ एंड एपसिक (एडीएजे) के सहयोग से किया गया।
मुख्यातिथि जेएंडके एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक अरुण मन्हास ने कहा - नई शिक्षा नीति में दिव्यांग बच्चों के लाभ के लिए समावेशी कक्षाएं और स्कूल बनाने का प्रावधान है। उन्होंने राष्ट्रीय विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दिव्यांग समुदाय को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
दिव्यांगता पहल की समन्वयक प्रो. सारिका मन्हास ने प्रो. प्रकाश अंताल डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर, कमल नैन भान और मधु भान एडीएजे के संस्थापक सदस्य, देवेंद्र सिंह राणा अध्यक्ष आईडीएफपी, नई दिल्ली, सुकन्या भान परियोजना समन्वयक, सांकेतिक भाषा दुभाषिया और रंजीत कालरा की भूमिका की सराहना की।
यहां ट्रेडर्स फेडरेशन के अध्यक्ष दीपक गुप्ता, प्रोफेसर जसबीर सिंह, डॉ. अनिल गुप्ता एसोसिएट डीन, प्रदीप दत्ता उपस्थित थे।