हड़ताल के चलते लोगों ने लिया घोड़ा गाड़ी का सहारा
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किराया बढ़ाने की मांग पर सोमवार को ट्रांसपोर्टरों ने पूरी रियासत में चक्का जाम रखा। लखनपुर से लेकर लेह तक करीब दो लाख वाहनों के पहिए थमे रहे। किसी तरह का यात्री वाहन और ट्रकों की माल ढुलाई वाले वाहन सड़कों पर नहीं उतरे। ट्रांसपोर्टरों ने अपनी मांगों को लेकर शहर में एक रैली निकाल प्रदर्शन भी किया। सरकार को अल्टीमेटम दिया गया है कि यदि किराया नहीं बढ़ा तो अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी। इसके साथ ही प्रदेश में लोगों घोड़ा गाड़ी का सहारा भी लेते नजर आए।
ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन टी एस वजीर ने कहा कि ट्रांसपोर्टर इस काबिल नहीं बचे कि अपने वाहनों को सड़कों पर उतार सकें। सरकार उन्हें बार बार सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर रही है। सोमवार को शहर में मिनी बस, बसें, आटो, टूरिस्ट टैक्सी आदि बंद रहीं।
वजीर ने साफ किया कि अगर आने वाले समय में उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल भी करेंगे। क्योंकि इसके सिवा कोई दूसरा चारा नहीं है। ट्रांसपोर्टर दो चार दिन में फिर से बैठक करेंगे। तब तक सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं की गई तो ट्रांसपोर्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। बताते चलें कि कुछ दिन पहले ही किराया बढ़ाया गया था, लेकिन तब डीजल के दाम 68 रुपये प्रति लीटर था और अब 76 रुपये लीटर हो गया है।