जम्मू-कश्मीर के बनिहाल टॉप में डॉपलर मौसम रडार स्थापित किय गया है। इसके साथ ही मौसम के पूर्वानुमान की सटीक जानकारी मिल सकेगी। अमरनाथ यात्रा के सकुशल संचालन के साथ ही पर्यटकों को लाभ होगा। कृषि समुदाय से जुड़े लोगों को भी लाभ पहुंचेगा। विमानों के सुरक्षित संचालन में भी रडार उपयोगी साबित होगा।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि खराब मौसम के संबंध में मौसम विभाग के पूर्वानुमान की सटीकता में पिछले आठ से नौ वर्षों में लगभग 40 फीसदी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा, 2025 तक पूरे देश में डॉपलर रडार नेटवर्क होगा।
उन्होंने कहा, देश में डॉपलर रडार की संख्या 2013 में 15 से बढ़कर 2023 में 37 हो गई है। भारत अगले दो से तीन वर्षों में 25 और रडार जोड़ेगा, जिससे यह संख्या 62 हो जाएगी। सिंह ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 148वें स्थापना दिवस के मौके पर कहा कि पूर्वानुमान में सुधार के साथ आपदा से संबंधित मृत्यु दर घटकर एक अंक में रह गई है।
आईएमडी ने रविवार को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में चार डॉपलर मौसम रडार (डीडब्ल्यूआर) चालू किए। इनके चलते पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में मौसम निगरानी क्षमताएं मजबूत होंगी। इन्हें उत्तराखंड में सुरकंडा देवी, हिमाचल में जोत व मुरारी देवी और जम्मू-कश्मीर में बनिहाल टॉप पर स्थापित किया गया।