प्रशासन में ड्यूल कंट्रोल, केएएस हमारे पास तो आईपीएस, आईएएस राजभवन के पास
उमर ने माना कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन में ड्यूल कंट्रोल से काम हो रहा है। जेकेएएस अधिकारियों का हम स्थानांतरण कर रहे हैं, लेकिन आईएएस, आईपीएस राजभवन से होता है। कैबिनेट का फैसला उपराज्यपाल के पास जाता है और उनके हस्ताक्षर के बाद ही उस पर अमल होता है। कानून व्यवस्था दिल्ली के नियंत्रण में है।
इससे पहले जम्मू कश्मीर में चुनी हुई सरकार में कैबिनेट तय करती थी कि डीसी, एसपी, आईजी, डिवकाॅम और मुख्य सचिव किसको लगाया जाए। लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। हालांकि हमें इन्हीं के साथ काम करना है। मगर कमांड और कंट्रोल हमारे हाथ में नहीं है। हम फिर भी काम कर रहे हैं और मुझे यकीन है कि यह हालात ज्यादा देर तक नहीं रहेंगे।
बजट में संतुलन बनाने का प्रयास करेंगेमुख्यमंत्री ने कहा कि मैं वित्त वर्ष 2025-26 के बजट के संबंध में कोई टिप्पणी नहीं करूंगा, लेकिन हम निश्चित रूप से संतुलन बनाने का प्रयास करेंगे। जम्मू कश्मीर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इसे बढ़ाने के लिए और विकास की जरूरत है।
मैं भी तत्काल जम्मू-कश्मीर राज्य के दौरान केंद्रीय मंत्री और प्रधानमंत्री रहा हूं, लेकिन आज यूटी में अलग चुनौतियां हैं। हमने कोशिश की है कि लोगों के बीच तालमेल बने। हमारे मंत्री और अधिकारी लोगों से संपर्क बढ़ा रहे हैं। हम लोगों से वादे पूरे करने की कोशिश कर रहे हैं। मेरे चुनाव जीतने के बाद ही अन्य दल मुझे गले लगाने के लिए क्यों दौड़े।