जब राहुल से पूछताछ की गई तो उसने पूरा सच बता दिया। उसने कहा कि हर्ष लूट के बारे में जानता था और उससे लगातार अपना हिस्सा मांग रहा था। राहुल को डर था कि कहीं हर्ष पुलिस को सब कुछ न बता दे, इसलिए उसने हत्या की साजिश रची। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हुई स्कॉर्पियो कार को जब्त कर लिया है और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हर्ष का शव बरामद कर लिया गया है।
हर्ष और सुनील दोनों नशेड़ी थे और अक्सर साथ रहते थे। 10 फरवरी को सुनील को कठुआ के नशामुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद हर्ष ने सीधे राहुल से संपर्क करना शुरू कर दिया था। राहुल ने अपने साथियों तुषार और भरत के साथ मिलकर यह हत्या अंजाम दी।इस मामले में पुलिस ने नए सिरे से सतवारी में केस दर्ज किया है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।