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जम्मू कश्मीर: राजोरी में तीन दशक पहले चिट्ठी-बकरी से घुसपैठ करते थे आतंकी, इलाके में तलाश जारी

Sat, 03 Jun 2023 04:59 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, राजोरी

सार

राजोेरी-पुंछ में जब आतंकवाद चरम पर था तो कैरी सेक्टर का चिट्ठी बकरी सबसे अधिक प्रयोग किए जाने वाला घुसपैठ वाला रास्ता था। जहां से अकसर आतंकवादी घुसपैठ कर भारतीय इलाके में घुसते थे।
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राजोरी में आतंकियों की तलाश करते सुरक्षाबल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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राजोरी के दस्सल गुजरा के जंगल में आतंकी को मार गिराए जाने के बाद से सुरक्षाबल अलर्ट हैं। इलाके में तलाशी चलाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि शहर राजोरी से सटे दस्सल और आसपास के गांवों में 3 दशक पहले आतंकवाद चरम पर था तो इन्हीं इलाकों से आतंकवादी राजोरी में घुसते थे।

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कैरी सेक्टर की नियंत्रण रेखा से सटे चिट्ठी बकरी से भी घुसपैठ करते थे। वहां से दस्सल गुजरा, दस्सल जट्टा, मयाडी गुजरा, मनकोट से होते हुए पलूलिया और मुबारख पुरा से होकर ठंडी कस्सी से राजोरी पहुंचते थे। यहां से या तो कश्मीर घाटी जाते थे या यहीं आतंकी घटना को अंजाम देते थे।

बताया जा रहा है कि 1995 से 2005 के बीच राजोेरी पुंछ में आतंकवाद चरम पर था तो कैरी सेक्टर का चिट्ठी बकरी सबसे अधिक प्रयोग किए जाने वाला इनफिल्ट्रेशन पॉइंट था। जहां से अकसर आतंकवादी घुसपैठ कर भारतीय इलाके में घुसते थे।
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सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को दस्सल में मारा गया आतंकवादी और उसके साथी भी चिट्ठी बकरी से घुसपैठ कर उक्त पुराने रूट से दस्सल के जंगल में पहुंचा था। भारतीय सेना ने उसे ढेर कर दिया। चिट्टी बकरी के अलावा पीर बडेसर के साथ स्टे एलओसी से भी आतंकी घुसपैठ किया करते थे।

इसी रूट से होते हुए राजोरी में दाखिल होते थे। सूत्रों की मानें तो पाकिस्तानी आतंकी अब पहले की तरह उन रूट्स का प्रयोग कर घुसपैठ करने लगे हैं। इसके चलते भारतीय सेना सतर्क है।

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