सेना की 43 आरआर और पुलिस की एसओजी ने बुधवार को थन्नामंडी सब डिवीजन के लाह फॉरेस्ट में संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान एक आतंकी ठिकाने को ध्वस्त किया। मौके से खाने-पीने का सामान बरामद किया गया है।
उधर, अखनूर के बट्टल क्षेत्र में तीनों आतंकियों को मारे जाने के बाद भी सेना और पुलिस का तलाशी अभियान जारी है। बट्टल और इसके आसपास तीसरे दिन भी जंगलों को गहनता से खंगाला गया। तलाशी के लिए ड्रोन से लेकर हेलिकाॅप्टर तक इस्तेमाल किए जा रहे हैं। वहीं, कुपवाड़ा जिले में आतंकवादी संगठन लश्कर के एक मददगार को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से एक पिस्तौल, एक मैगजीन, छह राउंड और दो चीनी ग्रेनेड बरामद हुए हैं। इन्हें मोटरसाइकिल पर रखे चावल के एक बैग में छिपा रखा था।
जानकारी के अनुसार विशेष इनपुट के आधार पर बुधवार को थन्नामंडी से लगभग पांच किलोमीटर दूर जंगल क्षेत्र में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया। इस दौरान सुरक्षाबलों को आतंकवादियों के ठिकाने से मैगी के 10 पैकेट, बिस्कुट के आठ, चिप्स के दो, नमकीन के तीन, ब्रेड के चार पैकेट, दो रोस्टेड ग्रीन मटर, एक आलू भुजिया का पैकेट, एक डिब्बी सिगरेट, दो बीड़ी के बंडल, एक लाइटर, दो कर्टेन बैंडेड और कुछ दवा बरामद की गई है। बारामुला जिले के बूटापथरी क्षेत्र में हाल ही में हुए हमले के बाद सुरक्षाबलों ने कई इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। अभियान जिले के तंगमर्ग का फिरोजपुरा, पट्टन और द्रंग के अलावा अन्य कुछ क्षेत्र शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इन अभियानों का उद्देश्य बूटापथरी घटना में शामिल आतंकवादियों का पता लगाना और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करना है। अधिकारी ने बताया कि बढ़े हुए सुरक्षा उपाय स्थिरता बनाए रखने और बारामुला में किसी भी अन्य घटना को रोकने के लिए चल रहे प्रयासों को दर्शाते हैं।
बट्टल क्षेत्र में 5-6 आतंकियों के घुसपैठ करने की आशंका
बट्टल क्षेत्र के आसपास दो से तीन और आतंकियों के होने की आशंका है, क्याेंकि जैश के आतंकी हमेशा पांच से 6 के समूह में घुसपैठ करते हैं। मारे गए आतंकियों की संख्या तीन थी। आतंकियों से बरामद सामान से भी अंदाजा लगाया जा रहा है, ये आतंकी अपने साथ अन्य आतंकियों का भी सामान लेकर आए थे। या फिर इनका कोई स्थानीय साथी भी था। इसी को देखते हुए पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया जा रह है।
- अखनूर के रास्ते ही घुसपैठ करते हैं जैस के आतंकी...बताया जा रहा है कि पूर्व में लश्कर के आतंकी अखनूर क्षेत्र से घुसपैठ का रूट इस्तेमाल करते थे। इसी रूट से जैश के आतंकियाें के आने की आशंका है। ये आतंकी पीओके के रास्ते से घुसे थे। आतंकियों के पास से एक वायरलेस सेट मिला था। इस वायरलेस सेट से पता चला कि ये जैश के थे।
- हालिया आतंकी घटनाओं को देखें तो इनकी रणनीतिक अलग थी। ये छुपकर लंबे समय तक लड़ने की तैयारी केे साथ आए हुए थे। संभव है कि किसी सैन्य प्रतिष्ठान, रिहायशी इलाके या फिर मंदिर में लोगों को बंदी बनाकर हमले की फिराक से आए हों। ये भी जानकारी है कि पिछले कुछ महीने से आतंकियों के क्षेत्र में होने की सूचना मिल रही थी।
मददगार से दो चीनी ग्रेनेड समेत हथियार किए बरामद
कुपवाड़ा की फील्ड गैदरिंग टीम (एफजीटी) को विशिष्ट खुफिया जानकारी मिली थी कि बारामुला जिले के बिजहामा बोनियार में आतंकवादी गतिविधि चल रही है। इसके बाद एफजीटी कुपवाड़ा, सेना की 15 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने विलगाम क्षेत्र में छमपुरा के पास एक मल्टी-व्हीकल चेक पोस्ट स्थापित की।
अधिकारी ने कहा, 29 अक्तूबर को रात करीब 10:30 बजे एक काले रंग की मोटरसाइकिल को रोका गया। सवार की पहचान बिजहामा बोनियार निवासी शाहिद सलीम लोन (27) के रूप में हुई। तलाशी में उसके पास से एक पिस्तौल, एक मैगजीन, छह राउंड और दो चीनी ग्रेनेड बरामद हुए हैं। वह खेप को सोपोर ले जा रहा था। अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज किया गया है। उससे पूछताछ जारी है। उम्मीद है कि मामले में और गिरफ्तारियां अंजाम दी जा सकती हैं।