उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति पर उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा की। इस दौरान सर्दी के मौसम में पहाड़ों से आतंकियों के मैदानी इलाकों में आने पर आतंकवाद निरोधक अभियान का रोडमैप तैयार किया गया। घाटी में टारगेट किलिंग व गैर कश्मीरियों पर हमले की घटनाओं से प्रभावी तरीके से निपटने की रणनीति भी बनाई गई। उप राज्यपाल ने आतंकवाद तथा आतंकवाद समर्थकों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को और प्रभावी तरीके से अमली जामा पहनाने की हिदायत दी।
सूत्रों ने बताया कि सचिवालय में चार घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में बिंदुवार सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर चर्चा की गई। घाटी में लगातार आतंकियों की ओर से गैर कश्मीरियों को निशाना बनाए जाने की घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए हिदायत दी गई कि किसी भी कीमत पर इस पर अंकुश लगना चाहिए। इसके लिए हाइब्रिड आतंकियों के साथ ही ओवर ग्राउंड नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की जरूरत बताई गई। निर्देश दिए गए कि सभी संदिग्धों पर पैनी नजर रखी जाए। इनकी पल-पल की गतिविधियों की निगरानी की जाए। जहां कहीं भी बाहरी मजदूर या प्रवासी रहते हों वहां पुलिस गश्त तेज की जाए। विभिन्न सरकारी व निजी दफ्तरों में कश्मीर से बाहर के काम करने वाले लोगों की सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध किए जाने चाहिए।
सूत्रों के अनुसार बैठक में सर्दी के मौसम में आतंकवाद निरोधक अभियान पर चर्चा कर रणनीति बनाई गई कि कैसे इनसे प्रभावी तरीके से निपटा जाए। कहा गया कि बर्फबारी के चलते इन दिनों आतंकी पहाड़ों से उतरकर मैदानी इलाकों में चले आएंगे। ऐसे में इन दिनों खतरा अधिक रहेगा। घनी आबादी में ऑपरेशन चलाने के दौरान अधिक सतर्कता बरतनी होगी। सूत्रों ने बताया कि यह तय किया गया कि खुफिया नेटवर्क को और मजबूत बनाते हुए आतंकियों की गतिविधियों को ट्रैक कर उन्हें खत्म किया जाएगा। इसमें आतंकियों को पनाह देने वालों पर भी नजर रखने तथा उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई का फैसला किया गया। बैठक में पुलिस को अत्याधुनिक बनाने पर बल देते हुए कहा गया कि अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल सर्विलांस के लिए किया जाए। इसके लिए सभी प्रकार की आवश्यक सुविधाएं जुटाई जाएं। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह आरके गोयल, डीजीपी दिलबाग सिंह, एडीजीपी जम्मू मुकेश सिंह, एडीजीपी कश्मीर विजय कुमार, एनके सिन्हा समेत कई आला अफसर मौजूद थे।
सरकारी तंत्र में बैठे मददगारों को चिह्नित करने का अभियान करें तेज
सूत्रों का कहना है कि बैठक में सरकारी तंत्र में बैठे मददगारों को चिह्नित करने का काम और तेज करने को कहा गया है। पूरे इको सिस्टम पर चोट करते हुए उसे तहस नहस करने की आवश्यकता बताई गई। हिदायत दी गई कि सभी विभागों में देशविरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
सोशल मीडिया, जमात व अन्य संगठनों पर रखें पैनी निगाहें
सोशल मीडिया नेटवर्क पर भी नजर रखने को कहा गया ताकि युवा किसी प्रकार के दुष्प्रचार में न फंसने पाएं। अलगाववादी तत्वों पर भी निगाहें रखने को कहा गया। विभिन्न आतंकी संगठनों के अलावा जमात-ए-इस्लामी व अन्य संगठनों की गतिविधियों पर भी पैनी निगाह रखने की हिदायत दी गई। यह भी कहा गया कि ऐसे सभी संगठनों पर प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि किसी प्रकार की राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को बल न मिले।