जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पिछले 24 घंटे में भूकंप के छह झटके दर्ज किए गए। शनिवार रात रामबन, डोडा व किश्तवाड़ में झटके लगने के बाद डोडा और लद्दाख में रविवार तड़के भी भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 रही। इसका केंद्र डोडा जिला रहा।
सबसे ज्यादा तीव्रता वाला भूकंप 4.5 का था, जिसका केंद्र लद्दाख का लेह जिला था। हालांकि इससे किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार डोडा जिले में धरती से 11 किलोमीटर नीचे हलचल पाई गई है। नेशनल सेंटर ऑफ सीस्मोलॉजी के अनुसार रविवार की सुबह लेह में 4.1 तीव्रता का पहला झटका 3ः50 बजे लगा।
दूसरा सुबह 5ः22 बजे महसूस किया गया। इससे पहले शनिवार को 3.0 की तीव्रता वाला पहला भूकंप रामबन में दोपहर 2:03 बजे, दूसरा लद्दाख में 4.5, तीसरा भूकंप, डोडा में 4.4 और चौथा किश्तवाड़ में रात 9ः55 बजे आया था, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.4 दर्ज की गई थी।
भूकंप के पहले झटके ने लोगों की नींद तोड़ दी। लोग खुले मैदानों में निकल आए। लोग खौफजदा दिखे। कई दिन से लग रहे झटकों से लोगों के चेहरों पर डर साफ देखा जा सकता था।
13 जून को भूकंप से बड़ी संख्या में इमारतों को पहुंचा था नुकसान
इससे पहले जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में 13 जून को आए 5.4 तीव्रता के भूकंप ने काफी नुकसान पहुंचाया था। इस दौरान भद्रवाह में 968 और डोडा में 874 इमारतों को नुकसान पहुंचने की प्रशासन ने पुष्टि की थी। स्कूलों में छुट्टी कर दी गई थी। अभी तक भूकंप से हुए नुकसान का आकलन चल रहा है।
एनसीएस ने लेह में भूकंप की दी थी पूर्व सूचना
एनसीएस ने शनिवार को लद्दाख में रात 10 बजकर 38 मिनट पर 3.9 तीव्रता का भूकंप और रात 9 बजकर 44 मिनट पर लेह में 4.5 तीव्रता का भूकंप आने की सूचना दी थी। भूकंप के झटके लेह से 215 किलोमीटर उत्तर पूर्व में 10 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किए गए।