जम्मू कश्मीर में वर्षों से ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहे सात डॉक्टरों को बर्खास्त कर दिया गया है। इसमें कैज्यूलिटी मेडिकल आफिसर, कंसल्टेंट सर्जन और मेडिकल आफिसर शामिल हैं। इनमें कई डॉक्टर पांच सालों से गायब हैं। इसके अलावा अन्य 11 डॉक्टरों को 21 दिन के भीतर स्वास्थ्य निदेशालय कश्मीर में रिपोर्ट करने को कहा गया है।
ये डॉक्टर भी बिना अनुमति से ड्यूटी से नदारद चल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने डॉ. मुदस्सर बशीर (2017 से गैरहाजिर), डॉ. मुज्जफर मोहिदीन हकीम (2019 से गैरहाजिर), डॉ. शाजिया कोसर (2018 से गैरहाजिर), डॉ. उबेद अली (2018 से गैरहाजिर), डॉ. नौशीन मीर (2019 से गैरहाजिर) और डॉ. इमरान खान (2019 से गैरहाजिर) को बर्खास्त किया गया है।
इसके अलावा सरकारी मेडिकल कालेज कठुआ में कार्यरत कैज्यूलिटी मेडिकल आफिसर डॉ. शोविया आनंद को भी बर्खास्त किया गया है। डॉ. आनंद की जनवरी 2019 में नियुक्ति हुई थी और वह नवंबर 2021 में बिना अनुमति के अर्न्ड छुट्टी पर चली गईं, जिसके बाद गैरहाजिर चल रही हैं।
कई बार नोटिस देने के बाद भी उन्होंने वापसी नहीं की। गैरहाजिर चल रहे अन्य 11 डॉक्टरों को स्वास्थ्य निदेशालय कश्मीर में 21 दिन के भीतर रिपोर्ट करने को कहा गया है। इसके साथ उन्हें बिना अनुमति के गैरहाजिर रहने को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
इसमें कंसल्टेंट मेडिसिन डॉ. तारिक अब्दुल्ला, मेडिकल आफिसर डॉ. मुदस्सर मुजमिल, डॉ. शाहिद हमीद, डॉ. मलिक सुहेल, डॉ. आदिल बशीर वासिल, डॉ. अहमद वाजीद यूसुफ, डॉ. शब्बीर अहमद मीर, डॉ. मुफीद अहमद भट्ट, डॉ. इफ्तिकार अहमद डुग्गा, डॉ. आदिल अशरफ और डॉ. रईस अहमद हीला शामिल हैं।
ड्यूटी के प्रति लापरवाही पर एसटीओ कश्मीर अटैच
ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने पर स्टेट ट्यूबर क्लोसिस आफिसर (एसटीओ) कश्मीर डॉ. रूबीना शाहीन को स्वास्थ्य निदेशालय कश्मीर में अटैच किया गया है। बताया जाता है कि गत दिवस स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव की ओर से टीबी पर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई थी, जिसमें डॉ. रूबीना भौतिक तौर पर शामिल नहीं र्हुइं। इंचार्ज डीटीओ बडगाम डॉ. अदफार यासीन को एसटीओ कश्मीर का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।