केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच संयुक्त अनुसंधान, स्टार्टअप और शिक्षण मार्ग प्रशस्त करने और आपसी समझ बढ़ाने के लिए पहली अंतर-संस्थागत बैठक हुई।
इसमें प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय के कुलपतियों, निदेशकों, वैज्ञानिक और शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुखों ने भाग लिया और भविष्य में एकीकरण पर आधारित योजना के तहत काम करने पर चर्चा की।
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बैठक वीरवार को कन्वेंशन सेंटर जम्मू में हुई। इस दौरान उन्होंने कहा कि जम्मू शिक्षा का केंद्र है। यहां कुछ ही किमी पर आईआईटी, आईआईएम, आईआईएमसी, एम्स, सीएसआईआर-आईआईआईएम, जीएमसी, स्कास्ट, सीयू, जेयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थान हैं।
सभी संस्थानों के लिए एकीकरण का एक मॉडल विकसित करने पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र का नेतृत्व कर रहा है। अंतर-संस्थागत जुड़ाव और एकीकरण प्रदेश में स्टार्टअप के इच्छुक लोगों को आगे बढ़कर नेतृत्व करने में मदद कर सकता है।
अरोमा मिशन के तहत एक स्टार्ट-अप संस्कृति (एग्री-टेक स्टार्ट-अप) बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बैठक में प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, भारत सरकार, अजय कुमार सूद और महानिदेशक सीएसआईआर और सचिव डीएसआईआर डॉ. एन. कलैसेल्वी, निदेशक आईआईआईएम जम्मू, डॉ. ज़बीर अहमद, निदेशक एम्स जम्मू, डॉ. शक्ति गुप्ता, कुलपति जम्मू विश्वविद्यालय, प्रो उमेश राय, वीसी क्लस्टर विवि प्रो. बेचन लाल व अन्य मौजूद रहे।