कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर हाईकोर्ट में फिर से मुकदमा दायर करने आने वाले और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। किसी मामले की पेशी में दो दिन पहले ही वकीलों को रजिस्ट्रार के पास जानकारी देनी होगी। इसके बाद तय होगा कि गवाहों, अपराधियों को आने देना है या नहीं। हाईकोर्ट ने रविवार को इसे लेकर आदेश जारी किया है।
दरअसल, 3 फरवरी को आदेश दिया गया था कि किसी भी मुकदमा करने वाले के प्रवेश में शर्त होगी। यदि उसके पास कोई पर्याप्त आधार होगा तो उसकी समीक्षा की जाएगी। फिर उसको आने दिया जाएगा, लेकिन इस आदेश का सख्ती से पालन नहीं हुआ है। आलम यह है कि कोर्ट परिसर में कोरोना की एसपीओ का पालन नहीं हो पा रहा। ऐसे में जब कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं तो जरूरी हो गया है कि इस आदेश को फिर से लागू किया जाए।
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हाईकोर्ट समेत अन्य सहयोगी अदालतों में अब मुकदमा करने वालों या फिर अन्य लोगों की आवाजाही पर अंकुश रहेगा। आने से दो दिन पहले जानकारी देनी होगी। तभी आने की अनुमति दी जाएगी, वह भी अगर कोई पर्याप्त आधार होगा तो ही। 10 मार्च को कोर्ट ने अपराधियों और गवाहों की रिकॉर्डिंग की अनुमति दी थी। जिसके लिए एसओपी जारी की गई थी, लेकिन इसका सही से पालन नहीं हो रहा।