राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्तता पर बारामुला और बांदीपोरा में तीन लोगों पर पीएसए के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा बारामुला में एक कुख्यात ड्रग तस्कर पर पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, बारामुला में आरोपी की पहचान तनवीर अहमद खान निवासी तारिपोरा शीरी के रूप में की गई है।
उस पर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के चलते पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। हिरासत में लेने के बाद जिला जेल कठुआ में बंद कर दिया गया है। बांदीपोरा में पुलिस ने राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्तता पर दो लोगों पर पीएसए के तहत मामला दर्ज किया है।
इनकी पहचान हिलाल अहमद पर्रे निवासी कोचक मोहल्ला हाजिन और अब्दुल हमीद पर्रे निवासी सैयद मोहल्ला हाजिन के रूप में की गई है। इन्हें सेंट्रल जेल कोट भलवाल जम्मू में बंद कर दिया गया है। उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए थे।
इसके अलावा बारामुला में पुलिस ने पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत फतेहगढ़ शीरी निवासी इरफान रसूल लोन उर्फ दानिश के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उक्त ड्रग तस्कर को हिरासत में लेने के बाद सेंट्रल जेल कोट भलवाल जम्मू में बंद कर दिया गया है।
राजोरी में ओजीडब्ल्यू को हिरासत में लिया गया
आतंकी संगठनों के समर्थक ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) को पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) के तहत हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है। जिला मजिस्ट्रेट राजोरी विकास कुंडल के जारी आदेश पर आरोपी अकबर हुसैन निवासी मारुथा कंथोल, तहसील कोटरंका को पीएसए के तहत हिरासत में लिया गया।
डिप्टी एसपी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप शिवेंद्र सिंह जम्वाल के नेतृत्व में एसएचओ कंडी शकील मन्हास की टीम ने आरोपी को जेल के अंदर डाला। एसएसपी राजोेरी अमृतपाल सिंह ने कहा कि किसी को भी शांति भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज के लिए खतरा बन चुके कुछ ओजीडब्ल्यू को उनकी गतिविधियों के लिए पहले ही पीएसए के तहत हिरासत में लिया जा चुका है।
लश्कर आतंकी यूनिस पर पीएसए बरकरार रहेगा
बडगाम में गिरफ्तार लश्कर ए ताइबा के आतंकी मोहम्मद यूनिस मीर पर लगाया गया पीएसए बरकरार रहेगा। आरोपी के पास से 2021 में गोला बारूद बरामद हुआ था। पकड़े जाने के बाद पूछताछ में पता चला क वह लश्कर के एक आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा था।
न्यायाधीश एमए चौधरी ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि आरोपी से पीएसए हटाने का मतलब समाज को खतरे में डालना है। लिहाजा लगाया गया पीएसए बरकरार रहेगा।