Shankaracharya Temple Srinagar
- फोटो : बासित जरगर
माता वैष्णो देवी के बाद रियासी जिले के एक अन्य प्रसिद्ध धार्मिक स्थल शिवखोड़ी और श्रीनगर के विख्यात शंकराचार्य मंदिर में रोपवे शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इन परियोजनाओं को अगले साल शुरू करके 2025 तक लोगों को समर्पित करने की योजना है। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर दोनों जगहों पर प्रतिवर्ष 10 से 20 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
दोनों परियोजनाओं के तौर तरीकों पर चर्चा
मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने शुक्रवार को विभागीय अधिकारियों के साथ इन दोनों परियोजनाओं के तौर तरीकों पर चर्चा के साथ पहलगाम-बाईसरन और बालटाल-अमरनाथ पवित्र गुफा तक रोपवे परियोजना की प्री फिजिबिलिटी रिपोर्ट का भी आकलन किया।
- मुख्य सचिव ने शिवखोड़ी और श्रीनगर के शंकराचार्य मंदिर रोपवे परियोजनाओं को भविष्य में यात्रियों और पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण बताया। कहा, ये रोपवे परियोजनाएं पर्यावरण के अनुकूल हैं और ऐसे स्थानों के लिए उपयुक्त हैं।
धार्मिक भावनाओं के अनुरूप होनी चाहिए परियोजनाएं
उन्होंने कहा कि परियोजनाएं स्थानीय संस्कृति और संबंधित धार्मिक भावनाओं के अनुरूप होनी चाहिए। इन परियोजनाओं से स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। उन्होंने एजेंसियों से उक्त परियोजनाओं के बोर्डिंग स्टेशनों के आसपास पार्किंग स्थल, फूड कोर्ट, शापिंग स्थल आदि बुनियादी सुविधाएं जुटाने को भी कहा।
दोनों मंदिरों तक पहुंचने में 9 मिनट लगेंगे
उक्त दोनों धार्मिक स्थल पहाड़ी की चोटी पर स्थित हैं। इसके लिए दर्शन देवपाडी-शिवखोड़ी गुफा के लिए 2.35 किलोमीटर और शंकराचार्य मंदिर के लिए 2.70 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। इन परियोजनाओं में धर्मस्थलों के पास ऊपरी स्टेशन के साथ दो स्टेशन होंगे और वहां पहुंचने के लिए केवल 9 मिनट का समय लगेगा।
अमरनाथ गुफा तक की लंबाई 11.6 किमी
इसके अलावा बालटाल-अमरनाथ गुफा तक की प्रस्तावित लंबाई 11.60 किलोमीटर है। पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए रास्ते में दोमेल, बारीमार्ग और संगम में मध्यवर्ती स्टेशन हैं। इन परियोजनाओं से लाखों लोगों को लाभ मिलेगा।