प्रदेश में सरकारी विभागों में 1994 के बाद से अस्थायी तौर पर काम कर रहे हजारों कर्मचारियों को विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी राहत देने की तैयारी चल रही है। इस मामले में भाजपा की तरफ से गठित कमेटी ने जम्मू कश्मीर में अस्थायी कर्मचारियों के मामले में हितधारकों से बातचीत की प्रक्रिया पूरी कर ली है। कमेटी ने प्रदेश के 47 विभागों और सात निगमों के करीब 200 प्रतिनिधिमंडलों से बातचीत करने का दावा किया है।
रिपोर्ट को अंतिम रूप देने का काम शुरू किया
कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री शाम लाल शर्मा का कहना है कि प्रदेश के सरकारी विभागों और निगमों में काम कर रहे अस्थायी कर्मचारियों के अलावा एसआरओ 64 और एसआरओ 520 के तहत कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों के मामले में कमेटी ने हितधारकों से बातचीत की प्रक्रिया को पूरा कर रिपोर्ट को अंतिम रूप देने का काम शुरू किया हुआ है।
रिपोर्ट को तैयार कर उसे प्रदेश अध्यक्ष को सौंपा जाएगा
दस जनवरी तक रिपोर्ट को तैयार कर उसे प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना को सौंप दिया जाएगा। उनका कहना है कि रिपोर्ट में तकनीकी और सेवा मामलों को ध्यान में भी रखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि कमेटी की तरफ से रिपोर्ट मिलने के बाद प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना इसे उप राज्यपाल मनोज सिन्हा को सौंपेंगे।
इसके अलावा केंद्र सरकार को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी ताकि जम्मू कश्मीर के अस्थायी कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी और उन्हें नियमित करने के मामले में ठोस कदम उठाए जा सकें।