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जम्मू-कश्मीरः नेताओं की नजरबंदी के बीच पार्टी आधार पर पंचायती चुनाव का दांव

Fri, 14 Feb 2020 03:23 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला - फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर में पंचायत उप-चुनाव की तारीख का एलान हो चुका है। कहा जा रहा है कि नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी के प्रमुख नेताओं की नजरबंदी के बीच पार्टी आधार पर पंचायती चुनाव का दांव खेला गया है। इससे भाजपा को फायदा हो सकता है। वर्ष 2018 में हुए चुनाव का नेशनल कांफ्रेंस(नेकां) और पीडीपी ने बहिष्कार किया था। तब पार्टी आधार पर चुनाव नहीं हुए थे। बाद में दलगत आधार पर हुए निकाय चुनावों का भी नेकां और पीडीपी ने बहिष्कार किया। इस चुनाव में भाजपा ने कई निकायों में कब्जा जमाया।

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नेकां के फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला समेत दूसरी पंक्ति के नेता अली मोहम्मद सागर व अन्य पीएसए के तहत बंद हैं। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती पर भी पीएसए लगा दिया गया है। कांग्रेस के नेता बाहर हैं, लेकिन इनकी बहुत अधिक सक्रियता नहीं है। विपक्षी पार्टियों का कहना है कि आखिर चुनाव कराने के पीछे का मकसद भी स्पष्ट होना चाहिए। जब सभी प्रमुख नेता नजरबंद हैं तो ऐसे में कौन पार्टी प्रत्याशियों का चयन करेगा।

लोकतांत्रिक आधार पर ब्लॉक कमेटियों से होते हुए जिला व प्रदेश कमेटी तक प्रत्याशियों के नाम पहुंचेंगे। फिर पार्टी प्रमुख उसे मंजूरी देंगे। पार्टी प्रमुख के बाहर न होने के चलते वह किसी अन्य को इसके लिए नामित भी नहीं कर सकते हैं।
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उनका कहना है कि एक तरह से अन्य दलों को खुद ही चुनाव से किनारा रखने की साजिश की जा रही है। हालांकि, अभी नेकां, पीडीपी और कांग्रेस ने चुनाव लड़ने पर स्थिति साफ नहीं की है। लेकिन रुख से लगता है कि नेकां और पीडीपी फिर चुनाव से किनारा कस सकती है।

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बीडीसी चुनाव में निर्दल उम्मीदवारों का पलड़ा रहा था भारी

अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार अक्तूबर महीने में हुए बीडीसी चुनाव में पार्टी आधार पर चुनाव कराए गए। इसमें भाजपा, कांग्रेस, पैंथर्स व बसपा ने हिस्सेदारी की। जम्मू व कश्मीर संभाग में कुल 276 सीटों के लिए चुनाव हुए। भाजपा को आशा के विपरीत मात्र 70 सीटें ही मिलीं। इनमें जम्मू संभाग में 52 और कश्मीर में 18 सीटें मिलीं। इसके विपरीत जम्मू संभाग में 88 और कश्मीर में 109 निर्दलीय जीते। यानी निर्दलीयों का पलड़ा भारी रहा। हालांकि, उस समय भाजपा नेतृत्व ने दावा किया था कि जो निर्दलीय जीते हैं उनमें से काफी लोग भाजपा के ही हैं।
 
संभाग ब्लॉक भाजपा कांग्रेस पैंथर्स बसपा निर्दल कुल
कश्मीर 128 18 01 00 00 109 128  
जम्मू 148 52 00 08 00 88 148
कुल 276 70 01 08 00 197 276
लद्दाख 31 11 00 00 00 20 31
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