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जम्मू-कश्मीरः गुलाम अहमद मीर बोले- भाजपा में हिम्मत है तो कांग्रेस को राजनीतिक गतिविधि करने दे

Tue, 18 Feb 2020 04:39 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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जम्मू-कश्मीर पंचायत उपचुनाव - फोटो : अमर उजाला जम्मू, ग्राफिक्स
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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने कहा कि पार्टी किसी भी चुनाव के बहिष्कार के समर्थन में नहीं रही है, लेकिन पंचायत उपचुनाव में मौजूदा जमीनी हालात पर सरकार उन पर बहिष्कार का दबाव बना रही है। पार्टी मुख्यालय में उन्होंने कहा कि मैं चुनौती देता हूं कि अगर भाजपा में हिम्मत है तो कांग्रेस नेताओं को अपने इलाकों में राजनीतिक गतिविधियां करने की इजाजत दें, कांग्रेस आज भी दलीय स्तर पर लड़ने को तैयार है।

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अगर प्रशासन पार्टी के लोगों को जम्मू-कश्मीर में अपनी सियासी गतिविधियां चलाने की इजाजत नहीं देगा तो हम मीडिया के माध्यम से चुनाव के लिए लोगों को जागरूक करेंगे। वह चाहे पार्टी के चिन्ह पर न लड़ें, लेकिन यह साफ है कि भाजपा जिन सीटों पर जीतने का लक्ष्य देख रही है, उसमें कामयाब नहीं होगी। जम्मू-कश्मीर में जम्हूरियत का कत्ल किया जा रहा है।

2018 के पंचायत चुनाव और 2019 के बीडीसी चुनाव में सरकार ने 100 फीसदी मतदान के दावे किए थे। फिर आज करीब 13000 पदों पर दोबारा पंचायत उपचुनाव क्यों करवाए जा रहे हैं। सरकार पहले गैर दलीय और अब दलीय स्तर पर चुनाव करवा रही है।
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ऐसे में सरकार पहले वाली नोटिफिकेशन रद्द करे या अब जमीनी स्तर पर चुनाव के लिए हालात अनुकूल बनाए। भाजपा को छोड़कर किसी अन्य दल का नेता मैदान में नहीं है, क्योंकि उन्हें प्रशासन से इजाजत नहीं दी गई है। कांग्रेस लड़कर पूर्व राज्यपाल से पंचायत के संशोधित थ्री टायर सिस्टम को वापस लाई थी।

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अनुमति देने में एलजी प्रशासन गंभीर नहीं

मीर ने कहा कि उनकी मां 90 साल से ऊपर हैं और वह बीमार हैं, लेकिन पाबंदियों के कारण उससे नहीं मिल सके। इसके लिए लिखित में एलजी प्रशासन, मुख्य सचिव और डीजीपी से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया। मुझे जम्मू से बाहर सियासी गतिविधियां करने की अनुमति नहीं हैं, यही हाल कश्मीर में पार्टी नेताओं का है। कांग्रेस के एक शिष्टमंडल से मुलाकात के लिए एलजी प्रशासन ने पिछले दो माह से समय नहीं दिया है। जबकि भाजपा के लोग कह रहे हैं कि कांग्रेसी खुद इलाकों में जाने को तैयार नहीं हैं, उन्हें जमीनी स्तर की असलियत को देखना चाहिए।
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