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पीडीपी का सीएम, भाजपा का डिप्टी सीएम

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पीडीपी के सियासी दांव के बाद भाजपा नए समझौते के लिए तैयार दिखती है। कांग्रेस को रोकने के लिए भाजपा की यह सियासी मजबूरी है।  लिहाजा भाजपा और पीडीपी समझौते के लिए सहमत हो रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इस फार्मूले के तहत मुफ्ती मोहम्मद मुख्यमंत्री हो सकते हैं और भाजपा को डिप्टी सीएम की कुर्सी मिल सकती है। मंत्रिमंडल में दोनों दलों के बराबर सदस्य होंगे।
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मिशन 44 प्लस का नारा भाजपा ने दिया था, लेकिन, पीडीपी ने इसे पहले पूरा कर लिया है। अब भाजपा और नेशनल कांफ्रेंस के बगैर भी पीडीपी सरकार बनाने की स्थिति में है। दरअसल, यह उस माइंड गेम का जवाब है जो पहले भाजपा ने नेकां के साथ मिलकर पीडीपी के साथ खेला था।

अब पीडीपी ने भाजपा की चाल से ही उसे मात देने की रणनीति पर अमल शुरू किया है। पीडीपी दबाव बनाकर भाजपा से अपनी शर्तों पर समझौता चाहती है। वह सरकार की स्थिरता और उदार केंद्रीय मदद के लिए वह भाजपा का साथ चाहती है। पर वह भाजपा के आगे झुकना नहीं चाहती।
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ताजा घटनाक्रम के बाद अब पीडीपी का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय हो गया है। भाजपा ने सबसे अधिक वोट प्रतिशत और जम्मू संभाग के प्रतिनिधित्व को आधार बनाकर पीडीपी से बातचीत शुरू की है। अब पीडीपी को सीएम पद के लिए तीन-तीन साल की अवधि के बंटवारे पर सहमत करने का प्रयास किया जा रहा है।

यह कोशिश सफल होती है तब भी पहले तीन साल के लिए सीएम का पद पीडीपी के खाते में जा सकता है।
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अब बन रहे हैं ये समीकरण

जम्मू कश्मीर की 87 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए किसी भी दल को 44 विधायक चाहिए। पीडीपी के पास 28 विधायक हैं और 12 विधायकों वाली कांग्रेस ने उसे खुला समर्थन दे रखा है। भाजपा की सरकार बनने में आई दिक्कत के बाद निर्दलीय इंजीनियर रशीद और पीडीएफ विधायक हकीम मोहम्मद यासिन ने पीडीपी से निकटता बना ली है।

अब झंस्कार के निर्दलीय विधायक सैयद मोहम्मद बकीर रिजवी ने पीडीपी को समर्थन का ऐलान कर दिया है। अमर उजाला से बातचीत में रिजवी ने कहा कि वह नेकां के समर्थन से जीते थे। अगर नेकां की सरकार बनती तो वह उसका साथ देते। चूंकि नेकां की सरकार नहीं बन रही है, इसलिए वह पीडीपी के साथ हैं।

रिजवी ने कहा उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में समन्वय समिति बनाई थी। समिति भी पीडीपी का साथ चाहती है। समिति के अध्यक्ष सैयद अहमद रिजवी ने अमर उजाला से कहा कि पीडीपी अब भाजपा के साथ सरकार बनाए या अन्य किसी दल के साथ, वह हर हाल में पीडीपी के साथ हैं।

सीपीएम विधायक एम वाई तारिगामी ने पहले ही भाजपा विरोधी सरकार को समर्थन का ऐलान कर रखा है। इस तरह चार निर्दलियों के समर्थन से पीडीपी ने 44 का जादुई आंकड़ा हासिल कर लिया है।

कुछ ऐसा है भाजपा-पीडीपी का गणित

पीडीपी का माइंड गेम
पीडीपी 28+ कांग्रेस12+ पीडीएफ- एक+ सीपीएम -एक+निर्दलीय-दो = 44

भाजपा का पहला गणित
भाजपा 25 +पीपुल्स कांफ्रेंस+ 2 निर्दलीय 4 + नेकां 15 = 46

अन्य विधायकों की स्थिति
सीपीएम- एमन वाई तारिगामी - पीडीपी के पक्ष में
पीपुल्स कांफ्रेंस (सज्जाद लोन और बशीर अहमद) -भाजपा के पक्ष में
पीडीएफ के हकीम मो. यासिन - पीडीपी
निर्दलीय सौयद मो. वकीर रिजवी - भाजपा
निर्दलीय इंजीनियर रसीद - पीडीपी
निर्दलीय पवन गुप्ता - भाजपा
नोट- इस तरह भाजपा के पाले से तीन विधायक पीडीपी की ओर खिसके
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पीडीपी में गठबंधन पर आम सहमति के प्रयास

पीडीपी आलाकमान ने रविवार को श्रीनगर में नव निर्वाचित विधायकों की राय जानी। पीडीपी संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद, महबूबा मुफ्ती ने मुख्य प्रवक्ता नईम अख्तर की मौजूदगी में विधायकों से विचार विमर्श किया। प्रवक्ता अख्तर ने कहा कि पीडीपी के लिए सभी विकल्प खुले हैं। इनमें भाजपा के साथ गठबंधन भी शुमार है।

राज्यपाल से मिलने से पहले पार्टी के अंदर आम सहमति के लिए बातचीत की जा रही है। यह अनौपचारिक बातचीत है। विधायक दल की विधिवत बैठक बाद में होगी। गौरतलब है कि पीडीपी के कई विधायक भाजपा से गठबंधन के खिलाफ हैं। अख्तर ने कहा कि किसी का अलग विचार हो सकता है, लेकिन, पार्टी में वैचारिक संघर्ष की स्थिति नहीं है।

मुफ्ती का मेडिकल चेकअप
चुनाव नतीजे आने के बाद से अब तक पीडीपी संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद सईद श्रीनगर के अपने गुपकार रोड स्थि आवास पर ही हैं। रविवार को पहली बार वह अपने आवास से बाहर निकले और मेडिकल चेक अप कराया। पीडीपी प्रवक्ता ने बताया कि कुछ दिन पहले ही मुफ्ती की आंखों का आपरेशन हुआ था। मुफ्ती आंखों की नियमित जांच के क्रम में डाक्टरों से मिले।
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